पंजाब सरकार ने राज्य की अवैध (अनधिकृत) कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें नियमित (रेगुलराइज) करने की प्रक्रिया को आसान बना दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन (PAPR) नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई। नई व्यवस्था के तहत जिन कॉलोनियों में कम से कम 25 प्रतिशत प्लॉट विकसित हो चुके हैं, वे नियमितीकरण के लिए आवेदन कर सकेंगी।
सरकार के अनुसार, नियमितीकरण के लिए आवेदन कॉलोनी प्रमोटर या रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) दोनों में से कोई भी कर सकता है। संशोधित नियमों का लाभ उन कॉलोनियों को भी मिलेगा जिनके आवेदन पहले की नीतियों के तहत खारिज हो चुके थे। हालांकि, GMADA के क्षेत्रीय योजना क्षेत्र में आने वाली कॉलोनियां इस नीति के दायरे से बाहर रहेंगी।
सरकार ने आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 तय की है। पूरी तरह से आवेदन मिलने पर 30 दिनों के भीतर अस्थायी नियमितीकरण प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा, जबकि सभी आवेदनों का निपटारा छह महीने के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है। नियमितीकरण के लिए आवासीय और औद्योगिक कॉलोनियों पर कलेक्टर रेट का 5 प्रतिशत, जबकि व्यावसायिक कॉलोनियों पर 10 प्रतिशत कंपाउंडिंग शुल्क निर्धारित किया गया है।
सरकार का कहना है कि इस नीति से हजारों परिवारों को कानूनी राहत मिलेगी और वे अपने प्लॉट का नियमितीकरण, भवन निर्माण की मंजूरी तथा रजिस्ट्री जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
