पंजाब के फरीदकोट में फार्मेसी ऑफिसर (Pharmacy Officer) भर्ती परीक्षा के दौरान नकल और प्रतिरूपण (इम्पर्सनेशन) का मामला सामने आया है। पुलिस ने कोटकपूरा परीक्षा केंद्र से एक युवक को गिरफ्तार किया, जो दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने पहुंचा था। बायोमैट्रिक सत्यापन और दस्तावेजों की जांच के दौरान उसकी पहचान उजागर हो गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों के सहारे परीक्षा देने का प्रयास कर रहा था। परीक्षा केंद्र के अधिकारियों ने संदेह होने पर उसकी बायोमैट्रिक जांच कराई, जिसके बाद धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और प्रतिरूपण से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मामले के पीछे कोई संगठित नकल गिरोह तो सक्रिय नहीं था। जांच एजेंसियां फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी खंगाल रही हैं।
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) ने स्पष्ट किया है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बायोमैट्रिक सत्यापन और अन्य सुरक्षा उपायों को और सख्त किया जाएगा। परीक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
