चंडीगढ़(गुरप्रीत सिंह): सरकारी पैनल और समन्वय अधिकारी सरकार ने 16 सितंबर को सात सदस्यीय पैनल गठित किया था, जो अकाल तख्त/SGPC द्वारा गठित पांच सदस्यीय पैनल के साथ चर्चा करेगा।
PCS अधिकारी हरजीत सिंह संधू को दोनों पैनलों के बीच समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया है; सरकार ने अपने पैनल की संरचना और मंडेट की जानकारी अकाल तख्त के जत्थेदार को भी भेज दी है।
सात सदस्यीय पैनल के सदस्य
सरकारी पैनल में शामिल हैं:
पूर्व अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह
दमदमी टकसाल के प्रमुख संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा
संत बाबा सेवा सिंह (रामपुर खेड़ा)
सेवानिवृत्त न्यायाधीश जसपाल सिंह
सेवानिवृत्त न्यायाधीश गुरबीर सिंह
पूर्व IPS अधिकारी व पूर्व पंजाब लोक सेवा आयोग के चेयरमैन जतिंदर सिंह औलख
कानून अधिकारी प्रीत इंद्र पाल सिंह चर्चा का दायरा और अगला चरण
पैनल का काम कानून से जुड़े मुद्दों की जांच करना, सुझाव तैयार करना और परामर्श प्रक्रिया के हिस्से के रूप में रिपोर्ट देना है।
रविवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान से हुई लगभग दो घंटे की बैठक परिचयात्मक रही; पैनल पहले अपने सदस्यों के बीच औपचारिक बैठक करेगा, उसके बाद SGPC की पांच सदस्यीय कमेटी के साथ विस्तृत वार्ता होगी।
सरकार का रुख: कानून का उद्देश्य बरकरार रहेगा
SGPC और अकाल तख्त ने संशोधित कानून की कई धाराओं पर आपत्तियां जताई हैं; इनमें granthis/सेवादारी को कानूनी दायरे में लाने और SGPC वेबसाइट पर ‘बीड़ों’ की जानकारी दिखाने जैसे प्रावधान शामिल हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि कानून के मूल उद्देश्य और कोर प्रावधान (जैसे बलिदान/अपमान के लिए कड़ी सजा) को कमजोर नहीं किया जाएगा, पर आपत्तिग्रस्त प्रावधानों की समीक्षा और सुझावों पर विचार किया जा सकता है।
