मानसा बंद के बीच प्रदर्शन जारी, नशा-विरोधी कार्यकर्ता की हत्या पर परिवार ने मांगा इंसाफ

मानसा(गुरप्रीत सिंह): पंजाब: नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर गुरुवार को गतिरोध लगातार तीसरे दिन जारी रहा। उनके पिता भीम सिंह ने इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सरकार द्वारा सख्त कार्रवाई होने तक अंतिम संस्कार की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

भीम सिंह ने कहा कि जब तक परिवार की मांगें पूरी नहीं होंगी, जिनमें जिम्मेदार लोगों का इस्तीफा शामिल है, तब तक अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही एक्शन कमेटी की भागीदारी के बिना वे प्रशासन के साथ कोई बातचीत नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा, “अगर इसमें एक या दो महीने भी लगें, तब तक अंतिम संस्कार नहीं होगा, जब तक सरकार नहीं गिरती या जिम्मेदार लोग इस्तीफा नहीं देते।” उन्होंने चेतावनी दी कि परिवार की सहमति के बिना अंतिम संस्कार कराने का कोई भी प्रयास पंजाब के युवाओं में तेज प्रतिक्रिया भड़का सकता है।

परिवार ने संकेत दिया है कि वह न्याय की मांग के लिए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट तथा संसद तक जाने सहित उपलब्ध सभी कानूनी रास्तों का सहारा लेने को तैयार है।

एक्शन कमेटी ने अधिकारियों से बातचीत को ठुकराया
एक्शन कमेटी ने गुरुवार को प्रदर्शन स्थल पर वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों, जिनमें डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी), डिप्टी कमिश्नर (डीसी), वरिष्ध अधीक्षक (एसएसपी) और अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) शामिल हैं, से मिलने से इनकार कर दिया।

कमेटी ने बुधवार रात भी यही रुख अपनाया था और कहा था कि कोई भी बातचीत होने से पहले प्रशासन को पहले उसकी मांगों पर कार्रवाई करनी होगी।

कमेटी की मांगों में मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का इस्तीफा, साथ ही झोटा की हत्या की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच शामिल है।

कमेटी ने जिला नशा निरीक्षक, एसएसपी, डीएसपी और संबंधित थाना प्रभारी (एसएचओ) की बर्खास्तगी की भी मांग की है। वह जिम्मेदारी तय करने और दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने पोस्टमार्टम पीजीआईएमईआर के डॉक्टरों की टीम से कराने की मांग भी की है।

अब तक मानसा सिटी-2 थाने की एसएचओ रहीं इंस्पेक्टर बेअंत कौर को निलंबित किया गया है।

नशा निरीक्षक की भूमिका पर जांच
आरोपी व्यक्ति के नशा लाइसेंस के नवीनीकरण से जुड़े मामले में नशा निरीक्षक नरेश कुमार की भूमिका की भी जांच हो रही है। आरोपों के अनुसार, पिछले चार वर्षों में यह लाइसेंस तीन बार निलंबित किया गया था, लेकिन उसे रद्द करने के बजाय बाद में नवीनीकृत कर दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि निरीक्षक की भूमिका की जांच शुरू कर दी गई है। जांच का नतीजा अभी प्रतीक्षित है।

हत्या के उद्देश्य पर टिप्पणी के लिए डीआईजी ने माफी मांगी
इस बीच, बठिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह ने गुरुवार को एक्शन कमेटी से माफी मांगी, क्योंकि सदस्यों ने उनकी पहले की उस टिप्पणी पर आपत्ति जताई थी, जिसमें उन्होंने हत्या को पुरानी दुश्मनी से जोड़ने का संकेत दिया था।

प्रदर्शनकारियों ने इन टिप्पणियों की आलोचना की थी। वे झोटा की मौत के आसपास की परिस्थितियों की गहन जांच की मांग कर रहे हैं।

पिता ने राजनीति में आने से किया इनकार, शांति की अपील की
भीम सिंह ने राजनीति में आने से इनकार किया, लेकिन चेतावनी दी कि अगर सरकार परिवार की मांगों पर कार्रवाई करने में विफल रही तो आम आदमी पार्टी (आप) को चुनावी नतीजों का सामना करना पड़ सकता है।

इसी के साथ उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी भी कार्रवाई से बचने की अपील की।

परिवार द्वारा अंतिम संस्कार को आगे बढ़ाने से इनकार और ठोस कदम उठाए जाने से पहले एक्शन कमेटी के बातचीत से इनकार के बीच, प्रशासन पर मांगों को पूरा करने और इस गतिरोध में आगे का रास्ता निकालने का दबाव बना हुआ है।

By Gurpreet Singh

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