चंडीगढ़(बलविंदर सिंह):हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को देश का अग्रणी विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए प्रमुख औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर उतार रही है। मुख्यमंत्री सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट की शीर्ष मॉनिटरिंग अथॉरिटी की तृतीय बैठक में शामिल हुए। इस दौरान औद्योगिक एवं विनिर्माण परियोजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने की। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल तथा विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में जुड़े।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बैठक में हरियाणा के नांगल चौधरी की इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब (IMLH) और हिसार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) सहित प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में भूमि स्वीकृति, कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और सरकार का लक्ष्य इन्हें जल्द धरातल पर उतारना है। श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा शुरू की गई भव्या योजना के तहत हरियाणा के अंबाला में 108 एकड़ भूमि पर एक औद्योगिक पार्क विकसित करने का प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेजा गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नांगल चौधरी में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब के प्रथम चरण से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। शीघ्र ही भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी कर फेज वन के कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा, जिसके बाद सेकेंड फेज का काम भी शुरू किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि 23 अगस्त को वे स्वयं मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब का दौरा करेंगे और रेल को हरी झंडी दिखाएंगे। सीडब्लयूसी आईएमएलएच के रेल यार्ड का संचालन करेगा। इसके साथ ही अन्य कार्य को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया को गति दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने हिसार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि फेज वन के आधारभूत ढांचे के लिए लगभग 707 करोड़ रुपये की ईपीसी परियोजना के लिए बोलियां प्राप्त हो चुकी हैं और उनका मूल्यांकन किया जा रहा है। ईपीसी एजेंसी की नियुक्ति जल्द की जाएगी। साथ ही, मास्टर प्लान की अधिसूचना की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है और इसे 31 अगस्त, 2026 तक अधिसूचित करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि फेज वन में नहर डायवर्जन के निर्माण कार्य को अवार्ड किया जा चुका है। वहीं, ढंढूर जंक्शन पर प्रस्तावित डबल लूप इंटरचेंज का कार्य एनएचएआई द्वारा ईपीसी मोड पर अवार्ड किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के लिए ईपीसी एजेंसी की नियुक्ति, मास्टर प्लान की अधिसूचना और बाहरी संपर्क मार्गों से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। इसके अलावा, हरियाणा में प्रस्तावित अन्य इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स के लिए भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में 10 आईएमटी के लिए भी जमीन एक्वायर की जा रही है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में औद्योगिक आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश में बड़े पैमाने पर औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और हरियाणा को देश के प्रमुख विनिर्माण एवं लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में और मजबूत पहचान मिलेगी। बैठक में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने भी इन परियोजनाओं बारे अपने सुझाव दिए।
इस दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, नागरिक उड्डयन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी. अनुपमा, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल भी मौजूद थे।
