शिमला (राजीव शर्मा): हिमाचल प्रदेश भर में बारिश की गतिविधियां तेजी पकड़ने की उम्मीद है, मौसम विभाग ने 13 अगस्त तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है। बारिश के इस नए दौर के शुरुआती चरण में कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है, जिससे भूस्खलन और सड़क संपर्क बाधित होने की आशंका बढ़ गई है।
मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार, 9 अगस्त को कई स्थानों पर बारिश तेज होने की संभावना है और 10 अगस्त को भी इसका प्रभाव बना रह सकता है। 11 और 12 अगस्त को बिखरी हुई बौछारें जारी रहने की उम्मीद है, जबकि 13 अगस्त को राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है।
पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक खतरा
संभावित बारिश को देखते हुए संवेदनशील पहाड़ी रास्तों को अलर्ट पर रखा गया है। लगातार होने वाली बारिश से ढलानों पर मिट्टी और चट्टानें ढीली हो सकती हैं, जिससे भूस्खलन और सड़कों पर मलबे के गिरने की आशंका बढ़ जाती है।
बारिश की गतिविधियों में वृद्धि से नदियों, नालों और मौसमी खड्डों में जलस्तर भी बढ़ सकता है। इसलिए निवासियों को सलाह दी गई है कि वे नदी तटों, नालों या ऐसे अन्य क्षेत्रों के पास न जाएं जहां जलस्तर में अचानक बदलाव से खतरा पैदा हो सकता है।
यात्रा योजनाएं हो सकती हैं प्रभावित
प्रशासन ने राज्य की पहाड़ी सड़कों पर यात्रा करने वाले लोगों से बारिश के इस दौर के दौरान विशेष सावधानी बरतने का आग्रह किया है। मंडी जैसे जिलों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के मार्गों में भूस्खलन या मलबा गिरने से अस्थायी बाधाएं आ सकती हैं।
वाहन चालकों को गति धीमी रखने, संकरे व पहाड़ी रास्तों पर सतर्क रहने और अपनी यात्रा शुरू करने से पहले सड़कों की ताजा स्थिति की जांच करने की सलाह दी गई है। यात्रियों से भारी बारिश के दौरान अनावश्यक आवाजाही से बचने का भी अनुरोध किया गया है।
अधिकारी बनाए हुए हैं नजर
जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां मौसम की स्थिति और संवेदनशील स्थानों पर नजर रख रही हैं। अधिकारियों को भारी बारिश से उत्पन्न होने वाली आपातकालीन स्थितियों, जैसे सड़क मार्ग बंद होने और जलस्तर में अचानक वृद्धि, से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
राज्य भर के लोगों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक मौसम बुलेटिन और स्थानीय प्रशासन के अलर्ट पर ही भरोसा करें तथा स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
