राजस्थान (राजीव शर्मा):राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) 2026 के प्रश्न-पत्र में कथित लीक की जांच के दौरान राजस्थान के एक रसायन विज्ञान शिक्षक शशिकांत सुठार को प्रारंभिक सतर्कक के रूप में देखा जा रहा है। स्रोतों के अनुसार सुठार ने परीक्षा के ठीक बाद साझा की जा रही एक “गेस पेपर” (PDF) और असल परीक्षा के रसायन विज्ञान हिस्से में गहरी समानता पाई, जिससे उन्हें धोखाधड़ी का संदेह हुआ।
घटना की रूपरेखा के मुताबिक सुठार, जो सीकर के एक कोचिंग संस्थान में पढ़ाते हैं, ने 3 मई की शाम परीक्षा समाप्त होने के बाद सोशल मीडिया पर घूम रहे एक PDF को देखा। शुरुआत में वह इसे किसी आम प्रैक्टिस पेपर के रूप में मान रहे थे, लेकिन जाँच करने पर उन्होंने पाया कि उसमें दर्ज रसायन विज्ञान के प्रश्न असल NEET पेपर से लगभग मेल खा रहे थे। विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने कथित लीक दस्तावेज़ और परीक्षा पेपर दोनों की तुलना एआई आधारित उपकरणों की मदद से भी की और समानता की पुष्टि हुई।
सुठार ने तुरंत शोर न मचाते हुए कई घंटों तक सत्यापन किया और फिर उसी रात सीकर में पुलिस स्टेशन जाकर अधिकारियों को मामले से अवगत कराया। लेकिन प्रारंभिक प्रक्रियात्मक कारणों से शिकायत के दायर होने में देरी हुई। इसके बाद उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और संबंधित अधिकारियों को ईमेल जारी कर संदिग्ध लीक की जानकारी भेजी और जाँच के लिए आवश्यक विवरण संलग्न किए।
सूत्रों का कहना है कि उनकी शिकायत से जाँच एजेंसियों का ध्यान जल्दी गया। राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने उनसे संपर्क किया और केंद्रीय जांच संस्थाएं, जिनमें सीबीआई भी शामिल है, भी चल रहे सत्यापन में उनसे पूछताछ कर चुकी हैं। इस दौरान सुठार ने सार्वजनिक रूप से बयान देने और मीडिया से मिलने से बचना चुना; उनके सहयोगियों का कहना है कि सुरक्षा संबंधी चिंताओं और मामले की संवेदनशीलता के कारण वे सामने नहीं आ रहे हैं।
दरअसल सुठार वर्षों से छात्रों को रसायन विज्ञान पढ़ा रहे हैं और बतौर शिक्षक उनका मानना था कि सच्चाई उजागर करना अनैतिक लाभ से रक्षा करने हेतु जरूरी है। इस शिकायत के बाद मामला व्यापक हो गया और अधिकारियों ने देशभर में चल रही जांच के तहत अब तक कई छापे, गिरफ्तारियाँ और पूछताछ की कार्रवाइयाँ की हैं। NEET 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया गया तथा 22 लाख से अधिक उम्मीदवारों के लिए नया परीक्षण 21 जून को आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
जांच अब कई राज्यों तक फैल चुकी है—हरियाणा, बिहार और महाराष्ट्र सहित—जहाँ एजेंसियाँ लीक की जाँच कर रही हैं और पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास कर रही हैं। इस मामले में कई पहलुओं पर अभी प्रामाणिक निष्कर्ष नहीं आए हैं और आधिकारिक एजेंसियाँ जाँच की विस्तृत रिपोर्ट पर ही अंतिम स्पष्टता देंगी।
