पावर कॉरपोरेशन कर्मचारियों की शेष जायज मांगें भी पूरी होंगी: अमन अरोड़ा

सुनाम(गुरप्रीत सिंह): पंजाब आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश प्रधान एवं कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने आज पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के हड़ताली कर्मचारियों से तत्काल हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि धान की रोपाई के इस अत्यंत महत्वपूर्ण मौसम में बिजली सेवाओं के बाधित होने से किसानों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि पूरे राज्य के लगभग तीन करोड़ नागरिक भी आवश्यक सेवाओं के प्रभावित होने से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार कर्मचारियों की हर जायज मांग पर बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है। कर्मचारियों की यूनियनों की मांग पर लगभग 25 दिन पहले गठित उच्चस्तरीय कमेटी उनकी लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है और कमेटी की प्रत्येक जायज सिफारिश को सरकार स्वीकार करेगी।

आज आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि 21 जुलाई से पावर कारपोरेशन के कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिसके कारण विशेष रूप से किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। धान की रोपाई इस समय निर्णायक चरण में है और बिजली आपूर्ति बाधित होने से किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा घरेलू उपभोक्ता, व्यापारी, महिलाएं तथा आम नागरिक भी बिजली सेवाओं में व्यवधान के कारण गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग की सरकार है। सत्ता में आने के बाद सरकार ने कर्मचारियों के हित में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। विभिन्न विभागों में हजारों युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गईं, हजारों अस्थायी कर्मचारियों को नियमित किया गया, उन्हें सेवा संबंधी लाभ प्रदान किए गए तथा वर्षों से लंबित अनेक मांगों का समाधान किया गया। पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारियों की भी कई मांगें सरकार पहले ही स्वीकार कर चुकी है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि शेष मांगों के संबंध में स्वयं कर्मचारी यूनियनों ने सरकार से संयुक्त कमेटी गठित करने का आग्रह किया था, जिसमें सरकार और यूनियनों दोनों के प्रतिनिधि शामिल हों। उनकी मांग को स्वीकार करते हुए लगभग 20 से 25 दिन पहले उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया। इस समिति में वित्त, बिजली तथा कार्मिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी यूनियनों के चार प्रतिनिधि शामिल हैं। समिति लगातार विचार-विमर्श कर रही है तथा सरकार प्रत्येक जायज मांग पर सकारात्मक और संवेदनशील दृष्टिकोण से विचार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कर्मचारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि कमेटी द्वारा की गई प्रत्येक उचित सिफारिश को सरकार स्वीकार करेगी। जब सरकार और कर्मचारी यूनियनों के बीच बातचीत पहले से जारी है, तब प्रक्रिया पूरी होने से पहले हड़ताल का रास्ता अपनाना व्यापक जनहित में नहीं है।

अमन अरोड़ा ने कहा कि जनता और किसानों को परेशान कर सरकार पर दबाव बनाने की मंशा से हड़ताल करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार भी जनता की है और कर्मचारी भी जनता के सेवक हैं। इसलिए सभी कर्मचारी यूनियनों से विनम्र अपील है कि वे धान की रोपाई के इस महत्वपूर्ण समय में पंजाब के किसानों और आम लोगों को परेशान न करें।

अपने ग्रामीण दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि आज उनकी मुलाकात एक ऐसे किसान से हुई, जो तीन एकड़ पट्टे की जमीन पर खेती करता है। किसान ने बताया कि हड़ताल के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने से उसकी आजीविका पर गंभीर संकट आ गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मेहनतकश किसानों का क्या दोष है? यदि कर्मचारियों की कुछ समस्याएं हैं तो उनका समाधान सरकार के साथ बातचीत के माध्यम से होना चाहिए और सरकार पहले से ही इस दिशा में सकारात्मक प्रयास कर रही है। निर्दोष नागरिकों को किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए।

अमन अरोड़ा ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान स्वयं पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रहे हैं। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा तथा बिजली मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. कर्मचारी यूनियनों के निरंतर संपर्क में हैं और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट है। सरकार प्रत्येक कर्मचारी और कर्मचारी संगठन की हर जायज मांग सुनने तथा उसका न्यायसंगत समाधान निकालने के लिए सदैव तैयार है। मुख्यमंत्री, बिजली विभाग और पूरी सरकार कर्मचारियों के साथ संवाद के लिए हमेशा उपलब्ध है। कर्मचारी किसी भी समय मुख्यमंत्री अथवा संबंधित मंत्रियों से मिलकर अपना पक्ष रख सकते हैं। जो भी मांग कर्मचारियों, पंजाब और राज्य की जनता के हित में होगी, उस पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में पंजाब सरकार ने पूरे राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व प्रयास किए हैं। यदि कुछ लोग हड़ताल के माध्यम से जनता को परेशान कर सरकार की छवि खराब करने का प्रयास करते हैं तो पंजाब के लोग वास्तविक तथ्यों से भली-भांति परिचित हैं।

किसान संगठनों से भी उन्होंने अपील की कि वे व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए कर्मचारी यूनियनों से संवाद करें और हड़ताल समाप्त करवाने में सकारात्मक भूमिका निभाएं।

अपने अंतिम संदेश में अमन अरोड़ा ने हाथ जोड़कर पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारियों से तत्काल हड़ताल समाप्त कर बिजली सेवाएं सामान्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लगभग 90 प्रतिशत यानी करीब 18,500 कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिससे पंजाब के लगभग तीन करोड़ लोग प्रभावित हो रहे हैं। आवश्यक जनसेवाओं को बाधित कर या नागरिकों को परेशान कर किसी प्रकार का दबाव बनाना न सरकार स्वीकार करेगी और न ही जनता। कर्मचारियों को अपनी सभी मांगें बेझिझक सरकार के समक्ष रखनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक जायज मांग का समाधान बातचीत के माध्यम से किया जाएगा, लेकिन जनता को परेशान कर सरकार पर दबाव बनाने की प्रवृत्ति को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। सभी पक्षों को पंजाब और उसके लोगों के व्यापक हितों को सर्वोपरि रखते हुए संवाद के माध्यम से सभी विवादों का समाधान करना चाहिए।

By Gurpreet Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *