शिमला (राजीव शर्मा): हिमाचल प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां अगले तीन दिनों तक और जारी रहने के आसार हैं, जिसके चलते राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। हालांकि, मौसम विभाग ने किसी भी जिले के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की है, जिससे लगातार जारी बारिश के बीच लोगों को कुछ राहत मिली है।
आगामी बारिश से अगले 72 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिक संदीप शर्मा के अनुसार, 18 सितंबर से हिमाचल प्रदेश में मानसून की तीव्रता कम होने की उम्मीद है। हालांकि अभी मानसून की विदाई का कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है, फिर भी इस बदलाव के बाद मौसम के काफी हद तक साफ रहने या आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है।
राज्य से मानसून की सामान्य विदाई अमूमन 25 सितंबर के आसपास होती है।
लंबे मानसून के बावजूद 11 प्रतिशत बारिश की कमी
बारिश के बार-बार लौटे दौर के बावजूद हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सत्र के दौरान अब तक 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
1 जून से 14 सितंबर के बीच राज्य में 605.9 मिमी बारिश हुई, जबकि इस अवधि का सामान्य आंकड़ा 682.4 मिमी का है।
केवल किन्नौर, कुल्लू, शिमला और सिरमौर में ही सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। शेष सभी जिलों में बारिश का स्तर मौसमी औसत से नीचे ही रहा।
1,683 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान
कम बारिश के बावजूद, लंबे समय तक चले मानसून ने बाढ़, भूस्खलन और तेज बारिश के जरिए भारी तबाही मचाई है। राज्य भर में अनुमानित 1,683 करोड़ रुपये की सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।
इस तबाही में 129 घर पूरी तरह जमींदोज हो गए, जबकि अन्य 502 घरों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है।
सड़क हादसों में सबसे अधिक मौतें
इस मानसून सत्र में जान-माल का भी भारी नुकसान हुआ है। बारिश से जुड़ी घटनाओं और अन्य हादसों में कुल 303 लोगों की जान जा चुकी है।
इनमें सबसे बड़ा कारण सड़क हादसे रहे, जिनमें 180 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा भूस्खलन की घटनाओं में 18 लोगों की जान गई, जबकि 17 लोग पानी में डूब गए। वहीं अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) में एक व्यक्ति की मौत दर्ज की गई।
मौजूदा दौर के अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और आम नागरिक पूरी तरह सतर्क हैं, हालांकि भारी बारिश की चेतावनी न होना थोड़ी राहत जरूर देता है। 18 सितंबर से मौसम का व्यापक मिजाज अधिक स्थिर होने की उम्मीद है।
