फगवाड़ा(गुरप्रीत सिंह): पंजाब पुलिस ने 27 और 28 सितंबर को फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के संबंध में नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में आगजनी, तोड़फोड़, लूटपाट, पुलिसकर्मियों पर हमले और राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध करने के आरोप शामिल हैं।
गिरफ्तार किए गए लोगों में एलपीयू के सात छात्र और फगवाड़ा के दो बाहरी व्यक्ति शामिल हैं। पुलिस ने कहा कि अब तक करीब 40 ऐसे लोगों की पहचान की जा चुकी है, जो अशांति के दौरान हुई अलग-अलग घटनाओं से कथित रूप से जुड़े थे।
आरोपियों में फगवाड़ा निवासी गुरदीप और जस्मीत कुमार के अलावा एलपीयू के छात्र सोनीपत निवासी जेम्स दहिया, उत्तर प्रदेश के हमीरपुर निवासी आशुतोष, जम्मू निवासी अंतरिक्ष दत्ता और साहिल सिंह, महाराष्ट्र के मरुकिया निवासी कृष्ण कुमार तथा महाराष्ट्र के कल्याण ईस्ट निवासी भाविष्य करण शामिल हैं।
हिमाचल प्रदेश के मंडी निवासी एक नाबालिग को भी गिरफ्तार किया गया है। बताया गया है कि विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शित मिग-23 विमान पर चढ़ते हुए नाबालिग का वीडियो बनाया गया था। बाद में यह फुटेज विरोध प्रदर्शनों से सामने आई सबसे अधिक प्रसारित तस्वीरों में शामिल हो गया।
पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और एलपीयू के पूर्व बीबीए छात्र फरहत देव की पहचान भी आरोपी के रूप में हुई है। जांचकर्ताओं के अनुसार, वह विरोध प्रदर्शनों से संबंधित ऑनलाइन वीडियो में प्रमुख रूप से दिखाई दिया था और साहिल सिंह तथा अंतरिक्ष दत्ता को जानता था। फरहत को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।
डिजिटल साक्ष्यों की जांच
जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला और कपूरथला के एसएसपी गौरव तूरा ने पत्रकारों को बताया कि कई स्रोतों से मिले साक्ष्यों की जांच के बाद गिरफ्तारियां की गईं।
पुलिस के अनुसार, विशेष जांच दल (एसआईटी) ने विश्वविद्यालय के सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, घटनास्थल पर खींची गई तस्वीरों और बनाए गए वीडियो, सोशल मीडिया सामग्री तथा समाचार संगठनों द्वारा प्रसारित फुटेज की समीक्षा की।
पुलिस ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान चिन्हित किए गए लोग विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, आगजनी, पुलिसकर्मियों पर हमले और हाईवे पर यातायात बाधित करने जैसी घटनाओं में शामिल थे।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि कुछ संदिग्ध विश्वविद्यालय के बाहर स्थित लॉ गेट क्षेत्र से जुड़े हुए थे। पुलिस इस क्षेत्र में छात्रों, पूर्व छात्रों, व्यापारियों और अन्य लोगों से जुड़े व्यापक नेटवर्क की जांच कर रही है।
डीआईजी सिंगला ने कहा कि जांचकर्ता उन आरोपों की भी जांच कर रहे हैं कि कुछ लोग दिन में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में शामिल थे, लेकिन बाद में हुई हिंसक घटनाओं में भी उनकी भूमिका रही।
हिंसा के संबंध में एफआईआर दर्ज
पुलिस ने कहा कि 28 सितंबर को कपूरथला के सतनामपुरा थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 163 में 20 लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पंजाब सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति नुकसान रोकथाम अधिनियम, 2014 की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
एक अलग मामला फगवाड़ा के सदर थाने में एफआईआर संख्या 106 के रूप में दर्ज किया गया है। इसमें आगजनी, लूटपाट, हमले और पुलिस वाहनों को जलाने जैसे आरोप शामिल हैं।
पुलिस ने कहा कि हिंसा की जांच जारी है और साक्ष्यों की जांच आगे बढ़ने के साथ ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
मूल दुष्कर्म मामले की जांच जारी
हिंसा की जांच के साथ-साथ पुलिस उस मूल दुष्कर्म मामले की भी जांच कर रही है, जो प्रदर्शनों से पहले सतनामपुरा थाने में दर्ज किया गया था।
अधिकारियों ने कहा कि कथित पीड़िता की पहचान अभी तक स्थापित नहीं हो सकी है। चल रही जांच के तहत विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और छात्रों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि गुरुवार तक गिरफ्तार किए गए छात्रों में से पांच को हिरासत में लिया जा चुका था, जबकि तीन आरोपियों को फगवाड़ा की अदालत में पेश किया गया।
