65 करोड़ रुपये के मीठी नदी गाद निकासी मामले में डिनो मोरिया मुंबई पुलिस के सामने पेश

मुंबई(राजीव शर्मा): अभिनेता डिनो मोरिया शुक्रवार को मुंबई पुलिस के सामने पेश हुए। जांचकर्ता 65 करोड़ रुपये की मीठी नदी की सफाई और गाद निकालने से जुड़ी परियोजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के दौरान उनके कथित संबंधों की पड़ताल कर रहे हैं।

पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपियों में से एक केतन कदम से जुड़े कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच के बाद अभिनेता का नाम सामने आया। रिकॉर्ड में कथित तौर पर कदम, मोरिया और अभिनेता के भाई के बीच कई बातचीत दर्ज होने की जानकारी मिली है।

यह मामला बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) द्वारा मीठी नदी से गाद और मलबा हटाने के लिए दिए गए एक नागरिक ठेके से जुड़ा है। परियोजना के लिए विशेष मशीनरी, जिसमें स्लज पुशर और ड्रेजिंग उपकरण शामिल थे, कोच्चि स्थित मैटप्रॉप टेक्निकल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने उपलब्ध कराई थी।

जांचकर्ताओं का आरोप है कि कदम और एक अन्य आरोपी जय जोशी ने मैटप्रॉप से जुड़े लोगों तथा बीएमसी के स्टॉर्म वॉटर ड्रेन्स विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय कर काम किया। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है कि कथित व्यवस्था के चलते फर्जी बिलिंग और बढ़े हुए खर्च किए गए, जिससे अनुमानित 65 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

पुलिस ने आरोपी से मोरिया के संबंधों की जांच की
मोरिया की जांचकर्ताओं के सामने पेशी कदम के साथ उनके संपर्कों की जांच के बाद हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि दोनों का संबंध केवल व्यक्तिगत संपर्कों तक सीमित था या इसमें वित्तीय लेन-देन भी शामिल था।

अधिकारी अभिनेता से कदम के साथ उनके संबंधों और यदि कोई लेन-देन हुआ हो, तो उसकी प्रकृति के बारे में पूछताछ कर रहे हैं। उनकी पेशी चल रही जांच का हिस्सा है और इससे अपने-आप कथित अनियमितताओं में उनकी संलिप्तता साबित नहीं होती।

ईडी भी कर रही मनी लॉन्ड्रिंग पहलू की जांच
इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी कर रहा है। ईडी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामले में संदिग्ध मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की पड़ताल कर रहा है।

मुंबई पुलिस मीठी नदी परियोजना में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान वित्तीय और डिजिटल साक्ष्य जुटाना जारी रखे हुए है। मोरिया से पूछताछ से जांचकर्ताओं को आरोपियों के साथ उनके लेन-देन की प्रकृति स्पष्ट करने में मदद मिलने और यह पता लगाने की उम्मीद है कि क्या उनका इन जांचे जा रहे लेन-देन से कोई संबंध है।

By Rajeev Sharma

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