शिमला (राजीव शर्मा): भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश में मानसून की गतिविधियों के फिर से तेज़ होने का पूर्वानुमान जताया है, जिसके तहत 28 जुलाई से 31 जुलाई तक कई जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश से मिली राहत के बाद यह चेतावनी आई है, जिसमें अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
IMD के अनुसार, सोमवार से क्षेत्र में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने की उम्मीद है, जिससे पूरे राज्य में व्यापक बारिश होगी। मौसम विभाग ने संवेदनशील जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है और निचले इलाकों में अचानक बाढ़, भूस्खलन और जलभराव की संभावना के प्रति आगाह किया है।
27 जुलाई के लिए बिलासपुर, मंडी, सोलन और सिरमौर के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है, जहाँ मध्यम से भारी बारिश की संभावना है।
28 जुलाई से इस मौसम प्रणाली की तीव्रता बढ़ने की उम्मीद है, जिसके तहत मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर को ‘ऑरेंज अलर्ट’ के तहत रखा गया है। इसी अवधि के दौरान बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा के लिए ‘येलो अलर्ट’ लागू रहेगा।
IMD ने नदियों, बरसाती नालों और भूस्खलन के प्रति संवेदनशील स्थानों के करीब रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। पहाड़ी राज्य में आने वाले पर्यटकों से भी आग्रह किया गया है कि वे मौसम की स्थिति में सुधार होने तक संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से बचें।
यह अलर्ट 29 जुलाई को भी जारी रहेगा, जिसमें ऊना, कांगड़ा और सिरमौर में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। चंबा, मंडी और सोलन में भी छिटपुट भारी बौछारों के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है।
30 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा और कांगड़ा के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ का पूर्वानुमान है, जबकि कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर के ‘येलो अलर्ट’ के तहत रहने की उम्मीद है। 31 जुलाई को भी ऐसी ही स्थिति बनी रहने की संभावना है, खासकर राज्य के मध्य-पहाड़ी जिलों में।
मौसम के रिकॉर्ड से संकेत मिलता है कि चालू मानसून सत्र के दौरान हिमाचल प्रदेश में अब तक 288.9 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य औसत 312 मिमी है। इस तरह 1 जून से 25 जुलाई के बीच राज्य में कुल मिलाकर 7 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है।
पिछले तीन दिनों के दौरान देखे गए अपेक्षाकृत शुष्क मौसम ने राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान को बढ़ा दिया था। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि बारिश का नया दौर शुरू होने के बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी, जिससे अधिकांश जिलों में मौसम ठंडा हो जाएगा।
पूर्वानुमान को देखते हुए जिला प्रशासनों को सतर्क रहने और बारिश से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया है। आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने जनता से आधिकारिक सलाह का पालन करने, भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और बाढ़ या भूस्खलन की किसी भी घटना की सूचना तुरंत स्थानीय अधिकारियों को देने की अपील की है।
