लुधियाना के दरेसी मैदान में दशहरे के अवसर पर 20 अक्टूबर को भव्य रावण दहन समारोह आयोजित किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम में शामिल होने और रिमोट कंट्रोल के जरिए ‘नशे के रावण’ का दहन करने का कार्यक्रम रखा गया था। इस आयोजन में नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश देने पर विशेष जोर रहा।
दरेसी मैदान में इस साल 121 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया गया था, जो शहर के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा। पुतले के साथ मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले भी बनाए गए थे। दशहरे को लेकर मैदान में तैयारियां की गईं और बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई।
अमित शाह के दौरे को देखते हुए पुलिस ने बहुस्तरीय सुरक्षा प्रबंध किए। अधिकारियों के अनुसार, कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा तथा भीड़ नियंत्रण के लिए करीब 4,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की योजना बनाई गई थी। यातायात को सुचारू रखने के लिए कुछ मार्गों पर डायवर्जन की व्यवस्था भी की गई।
इस बार रावण दहन को केवल धार्मिक परंपरा तक सीमित न रखकर नशे के खिलाफ संदेश से भी जोड़ा गया। ‘चिट्टे के रावण’ का प्रतीकात्मक दहन पंजाब में नशे की समस्या को लेकर चल रही चर्चा के बीच आयोजित किया गया। आयोजकों का उद्देश्य बुराई पर अच्छाई की जीत के पारंपरिक संदेश के साथ समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था।
दशहरे के मौके पर पंजाब के दूसरे शहरों में भी रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। जालंधर और अमृतसर में भी बड़े पुतलों के दहन को लेकर उत्साह रहा, जबकि बठिंडा में पुतले को लेकर विशेष इंतजाम किए जाने की खबरें सामने आईं।
दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। लुधियाना में ‘नशे के रावण’ के दहन के जरिए नशे की समस्या के खिलाफ संदेश देने की कोशिश की गई। हालांकि, अमित शाह द्वारा रिमोट से पुतला जलाने की वास्तविक घटना की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है।
