चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर से जुड़े लंबे समय से लंबित संपत्ति संबंधी मामलों को लेकर बड़ा प्रस्ताव केंद्र सरकार के समक्ष रखा है। प्रस्ताव में 22 गांवों के लाल डोरा क्षेत्र का विस्तार, पुनर्वास (रिहैबिलिटेशन) कॉलोनियों के निवासियों को मालिकाना हक, तथा लीजहोल्ड संपत्तियों को फ्रीहोल्ड में बदलने जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। इन प्रस्तावों पर केंद्रीय गृह मंत्रालय स्तर पर विचार किया जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि यदि इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो हजारों परिवारों को राहत मिलेगी। विशेष रूप से पुनर्वास कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को संपत्ति का स्पष्ट स्वामित्व मिलने का रास्ता खुलेगा, जबकि लाल डोरा क्षेत्र के विस्तार और बाहरी निर्माणों के नियमितीकरण से लंबे समय से चली आ रही कानूनी व प्रशासनिक समस्याओं का समाधान हो सकेगा।
प्रस्ताव में औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों की लीजहोल्ड संपत्तियों को फ्रीहोल्ड में बदलने की मांग भी शामिल है। इसके लागू होने पर संपत्ति मालिकों को पूर्ण स्वामित्व अधिकार मिलेंगे, जिससे संपत्ति की खरीद-फरोख्त, बैंक ऋण और निवेश की प्रक्रिया आसान हो सकेगी।
हालांकि, इन सभी प्रस्तावों पर अंतिम फैसला अभी केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय के स्तर पर होना बाकी है। प्रशासन ने कहा है कि मंजूरी मिलने के बाद आवश्यक नीतियां और अधिसूचनाएं जारी की जाएंगी।
