चंडीगढ़: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह से जुड़े 2002 के दुष्कर्म मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मामले में पीड़िताओं के मुआवजे से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए संबंधित पक्षों को राहत और मुआवजे के पहलू पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
यह मामला 2002 में डेरा प्रमुख पर दो महिला अनुयायियों के यौन शोषण के आरोपों से जुड़ा है। मामले में CBI की जांच के बाद पंचकूला की विशेष अदालत ने 2017 में राम रहीम को दोनों मामलों में दोषी ठहराया था और कुल 20 साल की सजा सुनाई थी।
रेप केस के फैसले के बाद पंचकूला और आसपास के इलाकों में डेरा समर्थकों द्वारा की गई हिंसा में बड़े पैमाने पर संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। उस समय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हिंसा से हुए संपत्ति नुकसान की भरपाई डेरा की संपत्तियों से करने के निर्देश भी दिए थे।
हाईकोर्ट का मौजूदा आदेश मामले में पीड़िताओं के अधिकारों और उन्हें मिलने वाली राहत के लिहाज से अहम माना जा रहा है। अदालत के निर्देशों के बाद मुआवजे की प्रक्रिया और संबंधित कानूनी पहलुओं पर आगे कार्रवाई होगी।
गौरतलब है कि राम रहीम को 2017 में दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया गया था। इसके बाद से वह इस मामले में सजा काट रहा है।
