हरिद्वार (राजीव शर्मा): उत्तराखंड के हरिद्वार में 9 अक्टूबर 2026 की सुबह मूसलाधार बारिश के साथ भीषण ओलावृष्टि हुई, जिससे जिले के कई हिस्सों में वाहनों, आवासीय संपत्तियों और फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
सुबह करीब 10 बजे मौसम में अचानक बदलाव आया, जिसके बाद तेज बारिश के साथ असामान्य रूप से बड़े ओले गिरने लगे और सड़कें व गलियां ओलों की चादर से ढक गईं। बताया जा रहा है कि ओलावृष्टि से कारों की विंडशील्ड व शीशे टूट गए, दोपहिया वाहनों को नुकसान पहुंचा और आवासीय घरों व खेतों में खड़ी फसलों को व्यापक क्षति हुई, जिससे स्थानीय निवासियों और किसानों में चिंता बढ़ गई है।
इस चरम मौसम से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शिवालिक नगर, ज्वालापुर और सिडकुल (SIDCUL) क्षेत्र शामिल हैं। ओलों के बड़े आकार और तीव्रता ने नुकसान को और बढ़ा दिया, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और तूफान थमने के बाद लोग अपने नुकसान का आकलन करते नजर आए।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का तुरंत सर्वेक्षण करने और नुकसान का त्वरित आकलन करने के निर्देश दिए हैं। इस प्रस्तावित आकलन का उद्देश्य कुल नुकसान का निर्धारण करना और पात्र किसानों व अन्य प्रभावित निवासियों को राहत तथा मुआवजा उपलब्ध कराना है।
इसके बाद मौसम की स्थिति में सुधार हुआ और रात का तापमान लगभग 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कुल नुकसान का सटीक दायरा और मुआवजे का विवरण आधिकारिक मूल्यांकन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
