चंडीगढ़(बलविंदर सिंह): त्वरित और किफायती न्याय की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में, हरियाणा भर में आयोजित एक स्पेशल लोक अदालत ने रविवार को 9,590 चेक बाउंस (चेक अस्वी करण) मामलों का निपटारा किया, जिनके समझौतों की कुल रकम ₹97.30 करोड़ रही।
यह राज्यव्यापी पहल हरियाणा स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (HSLSA) द्वारा नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा के अंतर्गत कराई गई। कार्यवाही सभी 22 जिलों और 38 उप-विभागों में एक साथ संपन्न हुई, जिससे पक्षकार लंबे समय से रुके वित्तीय विवादों को लंबी कोर्ट कार्यवाही के बजाय आपसी समझौते के माध्यम से सुलझा सके।
अधिकारियों ने बताया कि यह अभ्यास वैकल्पिक विवाद निवारण (ADR) प्रणाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया, जो पक्षकारों को लंबी कानूनी लड़ाई से बचकर सौहार्दपूर्ण समझौता करने के लिए प्रोत्साहित करता है। इस तरीके से न केवल न्यायालयों का कीमती समय बचता है बल्कि शामिल लोगों के कानूनी खर्च भी कम होते हैं।
अधिकारियों के अनुसार, इन समझौतों ने हजारों आवेदकों को एक ही दिन में स्वीकार्य समाधान दिलाकर राहत दी। चेक बाउंस मामलों के इस बड़े पैमाने पर निपटारे से उन अदालतों पर भी दबाव कम होने की उम्मीद है जो ऐसे मामलों की भारी संख्या से जूझ रही हैं।
हरियाणा स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के प्रवक्ता ने कहा कि स्पेशल लोक अदालत ने लोक अदालतों की सरल, तेज और जनहितैषी विवाद निवारण क्षमता की प्रभावशीलता को दोहराया। इस सफल सांझा पहल ने राज्य भर की अदालतों में लंबित चेक अस्वीकृति मामलों के बैकलॉग को घटाने में भी योगदान दिया है।
अथॉरिटी ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में और अधिक लोग लोक अदालतों का विकल्प चुनेंगे, क्योंकि ये तेजी से समाधान प्रदान करने के साथ-साथ विवादग्रस्त पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध भी बनाए रखते हैं।
