हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गन्ना किसानों को दिवाली से पहले बड़ी राहत देते हुए अगले दो पेराई सत्रों के लिए गन्ने के दाम बढ़ाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री के ऐलान के मुताबिक, वर्ष 2026-27 के पेराई सत्र में गन्ने का भाव 430 रुपये प्रति क्विंटल होगा, जबकि वर्ष 2027-28 में इसे बढ़ाकर 450 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया जाएगा। इससे किसानों को अगले दो वर्षों में गन्ने की फसल का बेहतर दाम मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले पेराई सत्र 2025-26 में गन्ने का भाव 415 रुपये प्रति क्विंटल था। अब इसमें 15 रुपये की बढ़ोतरी कर 2026-27 के लिए 430 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके बाद अगले पेराई सत्र में 20 रुपये प्रति क्विंटल की अतिरिक्त बढ़ोतरी होगी और किसानों को 450 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। इस तरह पिछले भाव की तुलना में दो वर्षों में कुल 35 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी होगी।
सरकार का कहना है कि गन्ने के दाम बढ़ाने से किसानों की आमदनी में इजाफा होगा। मुख्यमंत्री के अनुमान के अनुसार, इस फैसले से किसानों की प्रति एकड़ आय में हर पेराई सत्र में लगभग 10 हजार से 11,500 रुपये तक की वृद्धि हो सकती है। सरकार को उम्मीद है कि बेहतर भाव मिलने से किसान गन्ने की खेती के लिए प्रोत्साहित होंगे और प्रदेश में इसका उत्पादन बढ़ेगा।
गन्ने के दाम में बढ़ोतरी का उद्देश्य किसानों को आर्थिक राहत देने के साथ-साथ चीनी मिलों के लिए पर्याप्त मात्रा में गन्ने की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी है। गन्ना उत्पादन कम होने पर मिलों को पेराई के लिए पर्याप्त फसल जुटाने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में सरकार को उम्मीद है कि समय रहते नए भाव घोषित करने से किसान आगामी सीजन के लिए फसल की योजना बेहतर तरीके से बना सकेंगे।
हरियाणा में गन्ने की खेती कई किसानों की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है। फसल की लागत, खाद, डीजल, मजदूरी और सिंचाई पर होने वाले खर्च को देखते हुए गन्ने के भाव में होने वाला बदलाव किसानों के लिए अहम माना जाता है। दो पेराई सत्रों के लिए पहले से दरें घोषित किए जाने से किसानों को अपनी खेती और उत्पादन संबंधी योजना बनाने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, दाम बढ़ाने के फैसले को लेकर किसानों और कृषि विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया अलग-अलग हो सकती है। गन्ने की खेती से वास्तविक लाभ का आकलन उत्पादन, प्रति एकड़ लागत और भुगतान की समयसीमा जैसे पहलुओं पर भी निर्भर करेगा। घोषित दरों के अनुसार, 2026-27 में किसानों को 430 रुपये और 2027-28 में 450 रुपये प्रति क्विंटल मिलेंगे।
