नई दिल्ली (राजीव शर्मा):केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने वैश्विक अभिगम्यता जागरूकता दिवस (जीएएडी) 2026 के अवसर पर दिव्यांगजनों सहित सभी नागरिकों के लिए सुलभ और समावेशी वित्तीय सेवाओं को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। डीएफएस ने बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र के लिए अभिगम्यता मानक और दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनमें दिव्यांगजनों द्वारा भौतिक माध्यमों, डिजिटल प्लेटफॉर्म या फिजीटल माध्यम से वित्तीय सेवाओं तक समान पहुंच के लिए मानक निर्धारित किए गए हैं।
डीएफएस इस बात पर ज़ोर देता है कि सुलभता केवल एक अनुपालन आवश्यकता नहीं है, बल्कि ग्राहक अनुभव, डिजिटल समावेशन और समान वित्तीय भागीदारी का एक अनिवार्य घटक है। नीतिगत समर्थन और इस विषय पर समय-समय पर प्रशिक्षण के माध्यम से, वित्तीय संस्थानों को सुलभता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है ताकि सेवा वितरण और डिजिटल परिवर्तन के हर चरण में सुलभता को एकीकृत किया जा सके। इस अवसर पर डीएफएस सभी बैंकों, वित्तीय संस्थानों और हितधारकों से एक निर्बाध और समावेशी वित्तीय परितंत्र के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने की अपील करता है, ताकि कोई भी ग्राहक पीछे न छूट जाए।
