साइबर हमले ने सुपरमार्केट के फ्रीजरों को बदला ‘ओवन’ में: फ्रांस में खाद्य सुरक्षा पर गंभीर संकट

पेरिस (नेशनल टाइम्स): फ्रांस में सुपरमार्केट की प्रशीतन प्रणालियों (रेफ्रिजरेशन सिस्टम) से जुड़े एक चिंताजनक साइबर हमले के मामले ने रोजमर्रा के बुनियादी ढांचे पर डिजिटल हमलों के बढ़ते खतरे को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। सामने आए विवरण के अनुसार, हैकर्स ने हजारों फ्रीजरों, रेफ्रिजरेटरों और चिल्ड डिस्प्ले कैबिनेट के तापमान सेटिंग्स में दूर से ही (रिमोटली) फेरबदल कर दिया, जिससे तापमान –27°C से बढ़कर कथित तौर पर 50°C से ऊपर पहुंच गया। यदि इसकी आधिकारिक पुष्टि होती है, तो इस प्रकार की घटना जमे हुए और ठंडे खाद्य पदार्थों को तेजी से खराब कर सकती है, भारी वित्तीय नुकसान पहुंचा सकती है तथा खाद्य सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।

मांस, समुद्री भोजन (सीफूड), डेयरी उत्पादों, फ्रोजन खाद्य पदार्थों और तापमान के प्रति संवेदनशील अन्य वस्तुओं को सुरक्षित रखने के लिए सुपरमार्केट की प्रशीतन प्रणालियां अत्यंत आवश्यक हैं। तापमान में अचानक होने वाली यह वृद्धि उत्पादों को असुरक्षित बना सकती है, भले ही वे बाद में दोबारा ठंडे दिखाई देने लगें। असुरक्षित तापमान के संपर्क में आए भोजन को नष्ट करना पड़ सकता है, जबकि प्रभावित दुकानों को बाधित संचालन, उपकरणों की जांच और स्टॉक को बदलने के भारी खर्च का सामना करना पड़ सकता है। यदि यह खराब उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध रहता है, तो ग्राहकों के स्वास्थ्य पर भी सीधा जोखिम आ सकता है।

यह कथित हमला साइबर सुरक्षा की एक उभरती चुनौती को उजागर करता है: प्रशीतन उपकरण और अन्य परिचालन प्रौद्योगिकियां (ऑपरेशनल टेक्नोलॉजी) अब बड़े पैमाने पर रिमोट मॉनिटरिंग और प्रबंधन प्रणालियों से जुड़ी हुई हैं। यदि हमलावर इन प्रणालियों तक अनधिकृत पहुंच हासिल कर लेते हैं, तो वे केवल डेटा चुराने या वेबसाइटों को ठप करने तक सीमित न रहकर सीधे भौतिक उपकरणों के संचालन में हस्तक्षेप करने में सक्षम हो जाते हैं। कमजोर पासवर्ड, पुराने सॉफ्टवेयर, असुरक्षित रिमोट एक्सेस और व्यावसायिक नेटवर्क तथा उपकरण नियंत्रणों के बीच पर्याप्त अलगाव की कमी इस खतरे को और बढ़ा देती है।

सुपरमार्केट संचालकों और प्रौद्योगिकी प्रदाताओं को ऐसी प्रणालियों को महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे (क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर) के रूप में देखना चाहिए। इसके लिए मजबूत प्रमाणीकरण (ऑथेंटिकेशन), सीमित रिमोट एक्सेस, नेटवर्क सेगमेंटेशन, निरंतर निगरानी और स्वतंत्र तापमान अलार्म जैसी व्यवस्थाएं लागू की जानी चाहिए। इसके अलावा, कर्मचारियों के पास प्रभावित उपकरणों को अलग करने, खाद्य पदार्थों के तापमान की पुष्टि करने और संभावित रूप से असुरक्षित उत्पादों को बिकने से रोकने के लिए स्पष्ट प्रक्रियाएं मौजूद होनी चाहिए।

By Rajeev Sharma

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