मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने संगरूर के बलियां में लोक मिलनी को किया संबोधित

धूरी (संगरूर)(गुरप्रीत सिंह): मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार महिलाओं और आम परिवारों को सीधे लाभ पहुंचाने के साथ-साथ पंजाब के विकास के लिए जनता के पैसे का सही इस्तेमाल कर रही है।

बलियां में आयोजित लोक मिलनी के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि महिलाओं के फोन पर 1 अक्टूबर को एक बार फिर सम्मान राशि पहुंचने की ‘टूं-टूं’ अधिसूचना सुनाई देगी। उन्होंने कहा कि दलित महिलाओं को वादे किए गए 1,000 रुपये के बजाय 1,500 रुपये प्रति माह मिलेंगे।

पंजाब में वोट मांग रही भाजपा पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने पूछा कि 750 किसानों की मौत के बाद भाजपा किस आधार पर जनता का समर्थन मांग सकती है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने भूजल स्तर को सुधारकर और भ्रष्टाचार के सभी रास्ते बंद कर यह भविष्यवाणी गलत साबित कर दी है कि पंजाब रेगिस्तान में बदल जाएगा।

लोक मिलनी के दौरान विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने शासन का केंद्र आम नागरिकों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और विद्यार्थियों को बनाया है।

उन्होंने कहा, “पंजाब ने दशकों तक कुछ परिवारों पर केंद्रित राजनीति देखी है। आज आम लोगों ने जवाबदेही और विकास की मांग शुरू कर दी है। यही बात उन राजनीतिक दलों को स्वीकार करना मुश्किल लग रही है, जिन्होंने दशकों तक पंजाब पर शासन किया। विपक्ष मुख्य रूप से हमारी सरकार और जन-केंद्रित पहलों के विरोध के कारण एकजुट है।”

उन्होंने कहा, “वही अकाली, जो कभी भाजपा को किसान विरोधी बताते थे और बार-बार भाजपा की आलोचना करते थे, अब उसी का समर्थन मांग रहे हैं। इससे पता चलता है कि जब एकमात्र उद्देश्य सत्ता में वापसी हो, तो राजनीतिक परिस्थितियां कैसे बदल जाती हैं। जो लोग पहले एक-दूसरे के खिलाफ कड़े बयान देते थे, वे अब सहयोग की संभावनाएं तलाश रहे हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब के लोग सब कुछ याद रखते हैं। उन्हें पता है कि किसने कब और क्या कहा था। पंजाब ने अतीत में दो अलग-अलग राजनीतिक दशहरे देखे हैं—एक कांग्रेस का और दूसरा अकालियों का। दोनों दलों ने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए लोगों को बांटा। सार्वजनिक रूप से मतभेद होने के बावजूद वे अपने राजनीतिक और व्यक्तिगत हितों के कारण जुड़े रहे और उन्होंने लोगों को बड़े स्तर पर गुमराह किया।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अब हमारी राजनीतिक बहस स्कूलों, अस्पतालों, रोजगार, बिजली, सिंचाई, सड़कों, खेल ढांचे और युवाओं के अवसरों पर होनी चाहिए। पंजाब को ऐसी राजनीति की जरूरत है, जो आम परिवारों को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर बात करे।”

उन्होंने कहा, “रोजगार पैदा करना हमारी प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है। लगभग 71,000 सरकारी नौकरियां केवल योग्यता के आधार पर दी गई हैं। एक भी व्यक्ति मेरी ओर उंगली उठाकर यह नहीं कह सकता कि सरकारी नौकरी देने के लिए पैसे लिए गए। पूरी भर्ती प्रक्रिया योग्यता के सिद्धांत पर आधारित रही है।”

उन्होंने आगे कहा, “रोजगार देने का उद्देश्य केवल नौकरी देना नहीं है। इसका उद्देश्य युवाओं को सम्मान, आर्थिक आत्मनिर्भरता और अपने परिवारों का जीवन स्तर सुधारने का अवसर देना है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमने 2022 में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली की घोषणा की थी और यह योजना परिवारों को पर्याप्त राहत दे रही है। जनता के संसाधनों का इस्तेमाल सीधे नागरिकों के लाभ के लिए किया जाना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और राज्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पंजाब के अपने बिजली ढांचे को मजबूत करना जरूरी है। लेहरा मोहब्बत स्थित गुरु गोबिंद सिंह सुपर थर्मल पावर प्लांट पंजाब के बिजली ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हम जनता के पैसे का विवेकपूर्ण इस्तेमाल कर रहे हैं। जब जनता का पैसा वित्तीय अनियमितताओं में गंवने के बजाय लोगों तक पहुंचता है, तो सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक कार्यों को पूरा किया जा सकता है। सरकारी योजनाएं तभी सार्थक होती हैं, जब उनका लाभ आम परिवारों तक पहुंचे।”

उन्होंने कहा, “माताओं ने मुझे बताया है कि उन्हें दी जा रही वित्तीय सहायता का इस्तेमाल बच्चों की शिक्षा फीस, घरेलू जरूरतों और अन्य आवश्यक खर्चों के लिए किया जा रहा है। कल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य परिवारों को सीधी सहायता देना है।”

मुख्यमंत्री ने घोषणा की, “1 अक्टूबर को महिलाओं के फोन पर अधिसूचना की ‘टूं-टूं’ फिर सुनाई देगी और माताओं को मावां धीयां सत्कार योजना का लाभ मिलेगा।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अकाली दल उनकी सरकार द्वारा घोषित कई योजनाओं का विरोध कर रहे हैं। कुछ विपक्षी नेताओं ने सत्ता में लौटने पर सरकारी योजनाएं बंद करने की बात कही है। राजनीतिक दलों को केवल मौजूदा कार्यक्रमों की आलोचना करने के बजाय जनता को बताना चाहिए कि वे पंजाब के लिए क्या करना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब का जल संकट हमारे भविष्य से जुड़ा सवाल है। हमने कृषि को नहरी सिंचाई की ओर ले जाने और भूजल पर निर्भरता कम करने के लिए बड़े स्तर पर काम किया है। इस सिंचाई अभियान के तहत लगभग 14,000 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है और नहरी पानी के इस्तेमाल में काफी वृद्धि हुई है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि नहरी सिंचाई के इस्तेमाल में लगभग 22 प्रतिशत से बढ़कर 88 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है, जबकि कई क्षेत्रों में भूजल स्तर में एक से पांच मीटर तक सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा, “भूजल स्तर बढ़ाकर हमने यह भविष्यवाणी गलत साबित कर दी है कि पंजाब रेगिस्तान में बदल जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा, “जल संरक्षण केवल कृषि से जुड़ा मुद्दा नहीं है। यह पंजाब के भविष्य का सवाल है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि पंजाब का भूजल संकट गंभीर परिणाम पैदा कर सकता है। हमने सुनिश्चित किया है कि हमारे किसानों को नहरी पानी मिले और भूजल की हर बूंद का जिम्मेदारी से इस्तेमाल हो।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमने सिंचाई ढांचे में बड़े स्तर पर निवेश किया है। सरकार पहले ही इस निवेश को लगभग 6,700 करोड़ रुपये बता चुकी है। इसके साथ 14,000 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन और खाले भी बनाए गए हैं।”

शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “शिक्षा एक और क्षेत्र है, जहां हमने ढांचागत बदलाव लाने का प्रयास किया है। जब मैंने पद संभाला था, तब शिक्षा से जुड़े मानकों में पंजाब 27वें स्थान पर था। हमारी सरकार के कठिन प्रयासों के कारण पंजाब बाद में नीति आयोग के शिक्षा आकलन में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया।”

उन्होंने कहा कि पंजाब के शिक्षकों को फिनलैंड, सिंगापुर और आईआईएम सहित विभिन्न संस्थानों और स्थानों पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए भेजा जा रहा है। विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए स्कूल्स ऑफ एमिनेंस भी स्थापित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकारी स्कूलों में आए बदलाव को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में हमारे विद्यार्थियों के प्रदर्शन से मापा जा सकता है। 2026 के नीट परिणामों के अनुसार, पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थी सफल हुए, जबकि 2021 में यह संख्या लगभग 80 थी।”

उन्होंने कहा, “इन आंकड़ों के पीछे आम लोगों के परिवार हैं। उनके माता-पिता छोटी दुकानें चलाते हैं, मजदूरी करते हैं, रिक्शा चलाते हैं या सब्जियां बेचते हैं। जब उनके बच्चे डॉक्टर और इंजीनियर बनते हैं, तो पूरा परिवार आगे बढ़ता है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सरकारी स्कूलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को महंगे निजी संस्थानों के विद्यार्थियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का समान अवसर मिले। शिक्षा और रोजगार परिवारों को गरीबी से बाहर निकालने के सबसे प्रभावी माध्यमों में शामिल हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “लोगों द्वारा मेरी यात्राओं के दौरान दिखाया जाने वाला स्नेह मेरे लिए शक्ति का स्रोत है। इस स्नेह को पैसे के रूप में नहीं मापा जा सकता। लोगों के प्यार के कारण मेरी पगड़ी फूलों से भर जाती है। इस प्यार की कोई कीमत नहीं है और इसे किसी मुद्रा में नहीं मापा जा सकता।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत बसें नियमित रूप से श्रद्धालुओं को देशभर के धार्मिक स्थलों पर ले जा रही हैं। उन्होंने कहा कि लौटने के बाद कई लाभार्थी अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य आम लोगों के लिए अवसरों और सुविधाओं को सुलभ बनाना है।

उन्होंने कहा, “पंजाब के सामने मौजूद समस्याएं दशकों से जमा होती रही हैं और उन्हें रातोंरात हल नहीं किया जा सकता। सड़कें, सिंचाई परियोजनाएं, स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाएं, रोजगार और खेल ढांचा—ये सभी रोजमर्रा के जीवन से जुड़े मुद्दों को हल करने के हमारे प्रयास हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब अब ऐसे मॉडल की ओर बढ़ रहा है, जिसमें युवा डॉक्टर, इंजीनियर, अधिकारी, उद्यमी और पेशेवर बनने का सपना देख सकें, न कि उन्हें नशे या बेरोजगारी की ओर धकेला जाए।”

उन्होंने लोगों से विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा किए जा रहे दावों के प्रति सतर्क रहने और सरकारों का आकलन उनके कार्यों के आधार पर करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब उसके लोगों का है और राजनीतिक दलों को जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। हमारी सरकार शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवा, सिंचाई, बिजली, सड़कों, खेल और सामाजिक कल्याण पर अपना ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी।”

By Gurpreet Singh

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