केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पंजाब विजिलेंस ब्यूरो से जुड़े चर्चित रिश्वत मामले में विशेष अदालत, चंडीगढ़ में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस मामले में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के महानिदेशक (DGP) के रीडर ओम प्रकाश सिंह राणा समेत चार लोगों को आरोपी बनाया गया है। मामला एक लंबित विजिलेंस केस में कथित तौर पर रिश्वत मांगने और लेने से जुड़ा है।
CBI के अनुसार, आरोपियों पर एक मामले को निपटाने के बदले पहले लगभग 20 से 25 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। जांच के दौरान कथित तौर पर यह रकम घटाकर 13 लाख रुपये और एक महंगा मोबाइल फोन करने की बात सामने आई। एजेंसी ने कार्रवाई के दौरान कथित रिश्वत की राशि बरामद कर कई लोगों को गिरफ्तार किया था।
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले की सुनवाई विशेष CBI अदालत में होगी। एजेंसी ने जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेजी साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य तकनीकी सबूत अदालत के समक्ष पेश किए हैं। मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया अदालत के निर्देशों के अनुसार चलेगी।
यह मामला मई 2026 में उस समय सुर्खियों में आया था, जब CBI ने पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के मुख्यालय और अन्य स्थानों पर छापेमारी की थी। जांच एजेंसी का कहना है कि यदि आगे की जांच में नए तथ्य सामने आते हैं, तो उनके आधार पर भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
