आईबीए के साथ बातचीत के बाद बैंक यूनियनों ने देशव्यापी हड़ताल टाली

नई दिल्ली (राजीव शर्मा): भारतीय बैंक संघ (आईबीए) द्वारा कई लंबित मांगों पर आश्वासन दिए जाने के बाद यूनियनों ने अपनी प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल को टालने का निर्णय लिया है, जिसके चलते बैंक कर्मचारी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार काम पर लौटेंगे।

यह हड़ताल सोमवार से शुरू होने वाली थी, जिसका आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने किया था। यह हड़ताल बैंकों की छमाही क्लोजिंग (अंतिम लेखा-बंदी) के समय ही होने जा रही थी।

यूनियनों द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगों में से एक मांग सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करते हुए सप्ताह में 5 दिन काम करने (5-डे वर्किंग वीक) की है। आईबीए के साथ चर्चा के बाद इस बात पर सहमति बनी कि इस मामले की जांच के लिए दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों वाली एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा।

यूएफबीयू के अनुसार, यह समिति बैंक ग्राहकों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालने से पहले विभिन्न विकल्पों पर विचार करेगी और हितधारकों से परामर्श करेगी।

दोनों पक्ष स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों पर लागू होने वाली परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना पर भी चर्चा करने के लिए सहमत हुए। यूनियनों ने इस योजना के कुछ पहलुओं पर चिंता जताई है, और उम्मीद है कि आईबीए सरकार को प्रस्ताव भेजने से पहले संभावित बदलावों की समीक्षा करेगा।

अन्य कई लंबित मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। यूएफबीयू ने कहा कि 8 मार्च 2024 को हुई बैठक के कार्यवृत्त (मिनट्स) में सूचीबद्ध मुद्दों पर जल्द से जल्द समाधान के उद्देश्य से विचार किया जाएगा।

इन आश्वासनों के बाद, यूएफबीयू ने अपने प्रस्तावित आंदोलन और हड़ताल को फिलहाल स्थगित करने का फैसला किया।

इस फैसले का अर्थ है कि सोमवार को बैंकिंग कामकाज सामान्य रूप से जारी रहेगा, जिससे वित्तीय संस्थानों के छमाही क्लोजिंग से जुड़े कामकाज के दौरान होने वाली संभावित रुकावट टल गई है।

हालांकि, यूनियनें अपनी लंबित मांगों, विशेष रूप से पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह के प्रस्ताव को लेकर आईबीए के साथ बातचीत जारी रखेंगी।

By Rajeev Sharma

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *