नई दिल्ली(राजीव शर्मा): केंद्र की अमृत भारत स्टेशन स्कीम (ABSS) के तहत देशभर में रेलवे स्टेशन पुनर्विकास तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसकी ताजा कड़ी में 75 स्टेशनों को करीब 1,570 करोड़ रुपये की संयुक्त लागत से फिर से विकसित कर देश को समर्पित किया गया है। अब तक इस कार्यक्रम के तहत कुल 261 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास पूरा हो चुका है।
पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के स्टेशन
नवीनतम चरण में पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के स्टेशनों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के चार स्टेशन भी शामिल हैं। पंजाब में जालंधर कैंट, एसएएस नगर (मोहाली), श्री आनंदपुर साहिब और श्री मुक्तसर साहिब को पुनर्विकसित किया गया है। हरियाणा में कालका और नारवाना, जबकि हिमाचल प्रदेश में अंब अंदौरा इस योजना के तहत कवर हुआ है।
जम्मू-कश्मीर: चार प्रमुख स्टेशनों पर काम
जम्मू-कश्मीर में बडगाम, जम्मू तवी, शहीद कैप्टन तुषार महाजन और श्री माता वैष्णो देवी कटरा जैसे स्टेशन ABSS के तहत विकसित किए जा रहे हैं। बडगाम में परिभ्रमण क्षेत्र, पार्किंग और दृष्टिगोचर सड़क का काम पूरा हो चुका है; यहां 12 मीटर चौड़ा फुट ओवरब्रिज भी बन रहा है, जबकि स्टेशन भवन, वेटिंग हॉल और एग्जीक्यूटिव लाउंज में सुधार चल रहा है। जम्मू तवी को दूसरे प्रवेश द्वार पर नया स्टेशन भवन, बेहतर पार्किंग-परिभ्रमण क्षेत्र, नए प्लेटफॉर्म-शेल्टर, इलेक्ट्रिकल सब-स्टेशन और एंट्रेंस रैम्प जैसी सुविधाएं मिल चुकी हैं। शहीद कैप्टन तुषार महाजन स्टेशन पर स्टेशन भवन, पार्किंग, परिभ्रमण क्षेत्र, दृष्टिगोचर सड़क, शौचालय, वेटिंग रूम, प्रवेश पोर्च और साइनेज में सुधार पूरा हो गया है। तीर्थयात्रियों के प्रमुख रेल गेटवे श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्टेशन अभी मास्टर-प्लानिंग चरण में है।
1,340 स्टेशनों की दीर्घकालिक योजना
अमृत भारत स्टेशन स्कीम का लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से 1,340 रेलवे स्टेशनों को पुनर्विकसित कर उन्हें आधुनिक ट्रांसपोर्ट हब बनाना है। दिसंबर 2022 में रेल मंत्रालय द्वारा शुरू इस योजना में अलग-अलग क्षेत्रों की सांस्कृतिक-वास्तुशिल्प पहचान को ध्यान में रखते हुए बेहतर यात्री सुविधाओं, कनेक्टिविटी और डिजाइन पर जोर दिया गया है।
सुविधाएं और फंडिंग मॉडल
पुनर्विकास कार्य में अपग्रेडेड स्टेशन भवन व वेटिंग एरिया, चौड़े फुट ओवरब्रिज और एयर कॉन्कोर्स, बेहतर पार्किंग-परिभ्रमण स्थान, दिव्यांगजन सुविधाएं, आधुनिक साइनेज-यात्री सूचना प्रणाली, एग्जीक्यूटिव लाउंज और जहां संभव हो सस्टेनेबल फीचर्स शामिल हैं। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, स्टेशन विकास—जिसमें ABSS से जुड़े कार्य भी शामिल हैं—के लिए फंडिंग आम तौर पर प्लान हेड-53 यानी ‘कस्टमर एमेनिटीज’ के तहत की जाती है; इस मद के तहत आवंटन और खर्च का ब्यौरा जोनल रेलवेवार रखा जाता है, न कि स्टेशनवार या राज्यवार।
पीएम मोदी का दूसरा बड़ा समर्पण
यह नवीनतम दौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस योजना के तहत पुनर्विकसित स्टेशनों का दूसरा प्रमुख राष्ट्रीय समर्पण है; इससे पहले 22 मई, 2025 को 18 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 103 पुनर्विकसित स्टेशनों को देश को समर्पित किया गया था। परियोजनाएं चरणशः पूरी हो रही हैं, ताकि स्टेशनों को अधिक सुलभ, बेहतर कनेक्टेड और क्षेत्र-विशिष्ट जरूरतों के अनुकूल सार्वजनिक स्थानों में बदला जा सके
