चंडीगढ़(गुरप्रीत सिंह): चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन की पार्टियों पर चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर भ्रम फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं पर जनविश्वास कमजोर करने का आरोप लगाया।
मल्होत्रा के मुख्य आरोप
मल्होत्रा ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाने के लिए ठोस सबूत पेश करना जरूरी है। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूचियों को लेकर चल रही बहस के बीच यह टिप्पणी की।
कैबिनेट सचिव को पत्र विवाद—भाजपा का पक्ष
भाजपा अध्यक्ष ने चुनाव आयोग की स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए कहा कि कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र किसी चुनावी नीति या एसआईआर प्रक्रिया से जुड़ा नहीं, बल्कि एक अधिकारी के प्रशासनिक कामकाज से संबंधित मामला था। मल्होत्रा का कहना था कि इस पत्र को चुनाव आयोग के नीतिगत फैसलों से जोड़कर मुद्दे को संदर्भ से हटाकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने पार्टियों से संवैधानिक निकायों पर आरोप लगाने से पहले आधिकारिक स्पष्टीकरण पर गौर करने की अपील की।
फॉर्म-6 बहस पर भाजपा का जवाब
मल्होत्रा ने फॉर्म-6 को लेकर उठे सवालों का भी जवाब दिया, जो पात्र नागरिकों द्वारा मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा कि एसआईआर अभ्यास के दौरान निर्धारित प्रक्रिया के तहत पात्र मतदातों के लिए आवेदन जमा करने का मौका बना हुआ है। साथ ही, उन्होंने बूथ लेवल ऑफिसरों (बीएलओ) की भूमिका रेखांकित की, जो मतदाताओं तक पहुंचकर मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के हिस्से के रूप में आवेदन एकत्र कर रहे हैं।
राहुल गांधी और संवैधानिक संस्थाओं पर टिप्पणी
भाजपा नेता ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा, जिन्होंने चुनाव आयोग के अलावा न्यायपालिका और सीएजी जैसी अन्य संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज पर सवाल उठाए हैं।
राजनीतिक बहस जारी
ये टिप्पणियां भाजपा और विपक्षी पार्टियों के बीच चुनाव आयोग, एसआईआर और मतदाता सूचियों से जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर चल रही बहस को और तेज करती हैं। विपक्ष संशोधन अभ्यास के कुछ पहलुओं पर सवाल उठाता रहा है, जबकि भाजपा ने चुनाव आयोग और उसके स्पष्टीकरण का बचाव किया है
