नई दिल्ली(राजीव शर्मा): भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) से इस्तीफा देने के कुछ दिन बाद उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व अधिकारी दिव्या मित्तल ने राजनीति में प्रवेश की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वह किसी स्थापित राजनीतिक दल में शामिल हुए बिना उत्तर प्रदेश से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करेंगी।
मंगलवार को जारी एक वीडियो संदेश में हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली मित्तल ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश में ही रहेंगी और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाती रहेंगी। उन्होंने जनता से अपने प्रयासों में सहयोग देने की अपील करते हुए कहा कि वह उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं, जिनकी चिंताएं अक्सर अनसुनी रह जाती हैं।
मित्तल के इस ऐलान से करीब 13 वर्ष की प्रशासनिक सेवा छोड़ने के उनके फैसले को राजनीतिक दिशा मिल गई है। उनके इस्तीफे की घोषणा 30 अगस्त को हुई थी, जिसे सितंबर में स्वीकार कर लिया गया।
अपने प्रशासनिक करियर के दौरान मित्तल ने मिर्जापुर और देवरिया की जिलाधिकारी के रूप में काम किया। अब उन्होंने कहा है कि वह प्रशासन और जनशिकायतों के निपटारे के अपने अनुभव का उपयोग करते हुए किसी स्थापित राजनीतिक संगठन से जुड़ने के बजाय सीधे जनता के साथ एक नया मंच तैयार करेंगी।
उनका घोषित फोकस स्कूल, सड़क, किसान, बेरोजगारी और परीक्षा प्रश्नपत्र लीक जैसे रोजमर्रा के मुद्दों पर रहेगा। उन्होंने चुनावी राजनीति में धनबल, जाति और बाहुबल के प्रभाव पर भी सवाल उठाए और कहा कि वह इसके बजाय जनता का समर्थन हासिल करना चाहती हैं।
मित्तल ने अपना एक व्हाट्सऐप संपर्क नंबर साझा करते हुए लोगों से नए मंच के निर्माण की शुरुआत में उनसे जुड़ने का आह्वान किया है।
प्रशासनिक सेवा के दौरान उनके कार्य करने के तरीके को लेकर कुछ भाजपा नेताओं ने उनकी आलोचना भी की थी। उन पर अपने आधिकारिक दायरे से आगे बढ़कर काम करने के आरोप लगाए गए थे। हालांकि, मित्तल ने राजनीतिक नेताओं से गुप्त मुलाकात करने के आरोपों को खारिज किया था।
अब उनके सामने प्रशासनिक अधिकारी के रूप में हासिल सार्वजनिक पहचान को उत्तर प्रदेश में नागरिकों के साथ काम करने वाले स्वतंत्र राजनीतिक मंच और संगठन में बदलने की चुनौती होगी।
