हरियाणा में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों की कमी के चलते प्रशासनिक कामकाज पर दबाव बढ़ रहा है। राज्य में स्वीकृत 226 पदों के मुकाबले फिलहाल 179 IAS अधिकारी ही कार्यरत हैं। यानी 47 पद खाली हैं। आने वाले महीनों में कई वरिष्ठ अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने से यह कमी और चुनौती बन सकती है। इनमें हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी भी शामिल हैं, जिनका सेवा विस्तार 31 दिसंबर 2026 को पूरा हो रहा है।
अधिकारियों की कमी को देखते हुए हरियाणा सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर प्रतिनियुक्ति पर गए अपने चार IAS अधिकारियों को वापस बुलाने का अनुरोध किया है। इनमें 1993 बैच के वी. उमाशंकर, 1997 बैच के राकेश गुप्ता, 2000 बैच के नितिन कुमार यादव और 2001 बैच के विकास गुप्ता शामिल हैं। ये सभी केंद्र सरकार के अलग-अलग विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। फिलहाल केंद्र की ओर से राज्य के अनुरोध पर फैसला नहीं लिया गया है।
वी. उमाशंकर इस समय केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत हैं। वह हरियाणा में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव और प्रधान सचिव भी रह चुके हैं। प्रशासनिक हलकों में उन्हें अनुराग रस्तोगी के बाद मुख्य सचिव पद के संभावित दावेदारों में गिना जा रहा है। राकेश गुप्ता राष्ट्रपति सचिवालय में अतिरिक्त सचिव हैं। वह हरियाणा में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
नितिन कुमार यादव केंद्रीय वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव हैं। हरियाणा में वह गृह सचिव के पद पर काम कर चुके हैं। वहीं, विकास गुप्ता केंद्रीय विद्यालय संगठन के आयुक्त हैं। राज्य में वह शहरी स्थानीय निकाय और नागरिक उड्डयन विभागों के साथ हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण के सीईओ की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों की सेवानिवृत्ति से बढ़ेगी चुनौती
हरियाणा में अगले कुछ महीनों में कई वरिष्ठ IAS अधिकारी सेवानिवृत्त होने वाले हैं। फरीदाबाद मंडल के आयुक्त संजय जून 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल और हिसार मंडल की आयुक्त गीता भारती 30 नवंबर को सेवानिवृत्त होंगे। इसके बाद मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होंगे, जबकि अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा की सेवानिवृत्ति 31 जनवरी 2027 को निर्धारित है।
अनुराग रस्तोगी को केंद्र सरकार पहले ही दो बार सेवा विस्तार दे चुकी है। उन्हें जुलाई से दिसंबर 2026 तक छह महीने का दूसरा विस्तार मिला था। ऐसे में 31 दिसंबर के बाद मुख्य सचिव पद पर नई नियुक्ति करनी होगी। वी. उमाशंकर की संभावित वापसी और वरिष्ठ अधिकारियों की उपलब्धता को लेकर प्रशासनिक स्तर पर चर्चाएं तेज हैं।
टॉप 20 अधिकारियों में से 10 केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर
राज्य की प्रशासनिक स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हरियाणा की ग्रेडेशन सूची में शीर्ष 20 IAS अधिकारियों में से 10 केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। इसके अलावा IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में CBI की चार्जशीट में पांच सेवारत अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। इनमें पंकज अग्रवाल, राम कुमार सिंह, विनीत गर्ग, मोहम्मद शाइन और साकेत कुमार के नाम बताए गए हैं। पंकज अग्रवाल न्यायिक हिरासत में हैं। इन परिस्थितियों के कारण वरिष्ठ स्तर पर महत्वपूर्ण पदों के लिए अधिकारियों की उपलब्धता और सीमित हो गई है।
हरियाणा सरकार के सामने अब दोहरी चुनौती है। एक ओर खाली पदों को भरना है, वहीं दूसरी ओर सेवानिवृत्ति और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए अधिकारियों की वजह से प्रशासनिक अनुभव की कमी को भी संभालना है। केंद्र से चार अधिकारियों की वापसी पर फैसला और मुख्य सचिव के उत्तराधिकारी की नियुक्ति आने वाले समय में राज्य के प्रशासनिक ढांचे के लिए अहम होगी।
