प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों के साथ दिवाली मनाने की परंपरा को लगातार जारी रखा है। साल 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से वह हर साल दिवाली पर किसी न किसी सीमावर्ती क्षेत्र या सैन्य ठिकाने पर पहुंचकर जवानों के बीच त्योहार मनाते रहे हैं। इस दौरान उन्होंने हिमालय की बर्फीली चोटियों से लेकर राजस्थान के रेगिस्तान और समुद्र में तैनात नौसेना के युद्धपोत तक दिवाली मनाई है। उनका यह सिलसिला 2014 में सियाचिन से शुरू हुआ था और 2025 में INS विक्रांत तक पहुंचा।
2014 में सियाचिन से हुई शुरुआत
प्रधानमंत्री मोदी ने 23 अक्टूबर 2014 को अपनी पहली दिवाली सियाचिन बेस कैंप में सैनिकों के साथ मनाई थी। करीब 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित इस क्षेत्र में उन्होंने जवानों से मुलाकात की और उनका उत्साह बढ़ाया। 2015 में वह पंजाब पहुंचे और 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की 50वीं वर्षगांठ के मौके पर डोगराई, बरकी और असल उत्तर युद्ध स्मारकों पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
2016 में मोदी ने हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में भारत-चीन सीमा के नजदीक सुमदो में ITBP और भारतीय सेना के जवानों के साथ दिवाली मनाई। इस दौरान उन्होंने जवानों को मिठाइयां बांटीं। 2017 में वह जम्मू-कश्मीर की गुरेज घाटी पहुंचे और नियंत्रण रेखा पर तैनात सैनिकों के साथ त्योहार मनाया।
हिमाचल से राजस्थान तक पहुंचे
साल 2018 में प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के हर्षिल में सेना और ITBP के जवानों के साथ दिवाली मनाई। 2019 में वह जम्मू-कश्मीर के राजौरी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सैनिकों से मुलाकात की और शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन का भी दौरा किया।
2020 में प्रधानमंत्री राजस्थान के जैसलमेर स्थित लोंगेवाला पोस्ट पहुंचे। यहां उन्होंने सेना के जवानों के साथ दिवाली मनाई। लोंगेवाला का ऐतिहासिक महत्व 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध से जुड़ा है। 2021 में उन्होंने जम्मू-कश्मीर के नौशेरा में सैनिकों के साथ दिवाली मनाई। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की सुरक्षा में योगदान देने वाले जवानों के साहस और बलिदान को याद किया।
2022 में मोदी कारगिल पहुंचे। यहां उन्होंने सैनिकों के साथ दिवाली मनाई और आतंकवाद के खिलाफ देश की प्रतिबद्धता का संदेश दिया। 2023 में वह हिमाचल प्रदेश के लेपचा पहुंचे, जहां उन्होंने सेना और सुरक्षा बलों के जवानों के साथ त्योहार मनाया।
2024 में कच्छ और 2025 में INS विक्रांत पहुंचे
साल 2024 में प्रधानमंत्री ने गुजरात के कच्छ क्षेत्र में सर क्रीक के पास लक्की नाला स्थित एक फ्लोटिंग बॉर्डर आउटपोस्ट पर दिवाली मनाई। यहां उन्होंने सेना, नौसेना, वायुसेना और सीमा सुरक्षा बल के जवानों से मुलाकात की। यह क्षेत्र भारत और पाकिस्तान की समुद्री सीमा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
2025 में मोदी ने गोवा और करवार के तट के पास स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत पर नौसेना के जवानों के साथ दिवाली मनाई। इस दौरान उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और देश की रक्षा क्षमता की सराहना की।
2026 में भी जारी रहेगी परंपरा
7 नवंबर 2026 को दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जवानों के बीच त्योहार मनाना उनकी नियमित परंपरा बन चुकी है और इस साल भी वह इसे जारी रखेंगे। हालांकि, 8 नवंबर की सुबह तक उन्होंने इस साल के सैन्य दौरे का स्थान सार्वजनिक नहीं किया था। इस तरह पिछले 12 वर्षों में उनके दिवाली दौरे देश के अलग-अलग सीमावर्ती इलाकों और सैन्य ठिकानों तक पहुंचे हैं।
