अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में MBBS छात्र से रैगिंग का आरोप, सीनियरों पर मारपीट और धमकी देने का दावा

हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में MBBS प्रथम वर्ष के एक छात्र ने सीनियर विद्यार्थियों पर रैगिंग, धमकी देने और शारीरिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र का कहना है कि 12 से 15 अक्टूबर के बीच उसके साथ लगातार रैगिंग की गई। विरोध करने और राष्ट्रीय एंटी रैगिंग हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी उसे राहत नहीं मिली। आरोप है कि शिकायत वापस लेने के लिए कॉलेज प्रबंधन की ओर से भी दबाव बनाया गया। इस मामले में छात्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है।

पीड़ित छात्र की पहचान पराग दीक्षित के रूप में हुई है। उसके मुताबिक, अक्टूबर के मध्य में कॉलेज के कुछ सीनियर विद्यार्थियों ने उसे घेरकर परेशान किया और धमकियां दीं। लगातार हो रहे उत्पीड़न से परेशान होकर उसने राष्ट्रीय एंटी रैगिंग हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। छात्र का आरोप है कि शिकायत की जानकारी कॉलेज प्रबंधन तक पहुंचने के बाद उस पर इसे वापस लेने का दबाव बनाया गया। उसे चेतावनी दी गई कि शिकायत वापस नहीं लेने पर उसका परीक्षा परिणाम प्रभावित हो सकता है और मेडिकल करियर खराब हो सकता है।

पराग के अनुसार, दबाव में आकर उसने अपनी शिकायत वापस ले ली, लेकिन इसके बाद भी कथित उत्पीड़न बंद नहीं हुआ। उसने आरोप लगाया कि 21 अक्टूबर को एक बार फिर उसके साथ शारीरिक मारपीट की गई। इस दौरान एक सीनियर विद्यार्थी ने उसकी गर्दन पकड़ ली। छात्र का दावा है कि यह घटना कॉलेज परिसर में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। उसने मामले के समर्थन में पुलिस शिकायत की प्रति, 14 और 15 अक्टूबर की ऑडियो रिकॉर्डिंग, एंटी रैगिंग हेल्पलाइन से जुड़े रिकॉर्ड और कॉलेज प्रबंधन को भेजे गए WhatsApp संदेशों के स्क्रीनशॉट होने की बात कही है।

छात्र ने पुलिस और कॉलेज प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोपित विद्यार्थियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उसका कहना है कि शिकायत करने के बावजूद उसे सुरक्षा और न्याय नहीं मिला। छात्र ने उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी तय करने की मांग भी उठाई है।

मामले में धौज थाना प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि पुलिस को शिकायत मिली है। फिलहाल मामले की जांच कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी कर रही है। जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

गौरतलब है कि अल-फलाह विश्वविद्यालय पिछले वर्ष भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था। नवंबर 2025 में दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट की जांच के दौरान विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ डॉक्टरों के नाम सामने आए थे। इसके बाद संस्थान की गतिविधियों और मान्यता से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठे थे। अब मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के आरोप सामने आने से एक बार फिर संस्थान का नाम चर्चा में है। हालांकि, मौजूदा मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और किसी भी आरोपी की भूमिका अभी जांच के निष्कर्ष के बिना स्थापित नहीं मानी जा सकती।

By Gurpreet Singh

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