चंडीगढ़(बलविंदर सिंह): हरियाणा की वित्त आयुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने शुक्रवार को सभी उपायुक्तों को सीएम विंडो पोर्टल पर दर्ज लंबित शिकायतों के निपटारे में तेजी लाने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि नागरिकों की शिकायतों का समाधान निर्धारित समय सीमा के भीतर तुरंत किया जाए। उन्होंने समय पर कार्रवाई न होने वाली ओवरड्यू शिकायतों की निगरानी करने और विस्तृत एक्शन-टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर जोर दिया ताकि शिकायत निवारण में अनावश्यक देरी न हो।
डॉ. मिश्रा चंडीगढ़ स्थित वित्तीय आयुक्त राजस्व कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपायुक्तों के साथ एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। इसका उद्देश्य जिला-वार प्रदर्शन का आकलन करना और सीएम विंडो शिकायत निवारण प्रणाली के तहत लंबित शिकायतों की स्थिति की समीक्षा करना था।
बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि पोर्टल पर कुल 16,17,688 शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें से 27 अक्टूबर तक 15,60,782 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। हल की गई शिकायतों में से 4,55,846 शिकायतें निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटाई गई दर्ज की गईं।
डॉ. मिश्रा ने उपायुक्तों को ओवरड्यू मामलों को प्राथमिकता देने, बिना किसी देरी के कार्रवाई शुरू करने और जिला स्तर पर लंबित शिकायतों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी स्तर पर शिकायतों पर अनदेखी न हो और समयबद्ध कार्रवाई की जिम्मेदारी तय की जाए।
जिला-वार समग्र प्रदर्शन मूल्यांकन में, यमुनानगर ने 100 में से 94 का उच्चतम स्कोर हासिल किया, इसके बाद पलवल 85, हांसी 81 और गुरुग्राम 80 अंक पर रहे। फरीदाबाद ने 78, नूंह ने 77 और नारनौल ने 75 अंक प्राप्त किए। झज्जर, पानीपत और भिवानी प्रत्येक ने 74 अंक दर्ज किए, जबकि रेवाड़ी ने 73 अंक प्राप्त किए। पंचकुला, हिसार और करनाल प्रत्येक ने 72 अंक दर्ज किए, इसके बाद कुरुक्षेत्र 71 अंक पर रहा। उन्होंने बताया कि उक्त समग्र मूल्यांकन चार मापदंडों का आंकलन करता है , इनमें शिकायतों को दर्ज करना, एक्शन-टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करना, ओवरड्यू मामले और निपटान प्रदर्शन, जिनके लिए क्रमशः अधिकतम 20, 25, 25 और 30 अंक निर्धारित हैं।
समीक्षा में यह भी सामने आया कि शामिल किए गए सभी 23 उपायुक्त कार्यालयों में से किसी में भी शुरुआती स्तर पर 30 दिनों से अधिक समय से कोई शिकायत लंबित नहीं पाई गई। हालांकि, जिन मामलों में एक्शन-टेकन रिपोर्ट का इंतजार था, उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए चिन्हित किया गया।
सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए बैठक में नोट किया गया कि 1,05,696 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 21 अक्टूबर तक 85,883 का निपटारा किया गया। डॉ. मिश्रा ने कहा कि समग्र समाधान प्रदर्शन अच्छा था लेकिन अधिक त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने सभी उपायुक्तों को अपने प्रदर्शन में सुधार करने और 95 प्रतिशत समाधान दर हासिल करने के निर्देश दिए, साथ ही पिछले महीने के दौरान पलवल उपायुक्त के प्रदर्शन की सराहना की।
उन्होंने जोर देकर कहा कि शिकायतों का समाधान ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाना चाहिए, यह सुनिश्चित करते हुए कि कोई भी पुराना मामला लंबित न रहे। जिन मामलों में शिकायतों को ठीक से संभाला नहीं गया था, उनकी समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित उपायुक्तों को एक दिन के भीतर उनकी जांच कर उनका समाधान करने के निर्देश दिए।
उन्होंने आगे निर्देश दिया कि पदों की रिक्तियों और बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करने वाले इसी तरह के मुद्दों से संबंधित स्थायी शिकायतों को सोशल मीडिया के माध्यम से चिन्हित किया जाए और मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया जाए। निर्देशों के अनुसार, उपायुक्तों से अपने स्वयं के सोशल मीडिया हैंडल बनाए रखने और शिकायत निवारण से संबंधित अपडेट सीधे शिकायतकर्ताओं को देने को कहा गया।
बैठक में किसान आईडी निर्माण और पीएम-किसान किस्तों पर इसके प्रभाव, भूमि रिकॉर्ड तक पहुंच, आवंटित आवासीय भूखंडों के सीमांकन और कब्जे, विवाह सहायता, संपत्ति रिकॉर्ड और लंबित कृषि भुगतानों से संबंधित व्यक्तिगत शिकायतों की भी समीक्षा की गई।
समीक्षा में शिकायत पंजीकरण की गुणवत्ता में सुधार पर भी बल दिया गया। उपायुक्त और उप-मंडल मजिस्ट्रेट कार्यालयों में सीएम विंडो काउंटरों पर तैनात डेटा एंट्री ऑपरेटरों को संक्षिप्त, अप्रासंगिक या अधूरी जानकारी लिखने के बजाय आवेदक द्वारा बताए अनुसार शिकायत का पूरा विषय दर्ज करने की सलाह दी गई। यह देखा गया कि स्पष्ट और व्यापक विषय प्रविष्टियाँ अधिकारियों को शिकायतों की प्रकृति को समझने में मदद करती हैं और शुरुआती स्तर पर उनके परीक्षण को आसान बनाती हैं।
डॉ. मिश्रा ने अधिकारियों को अगले 48 घंटों में लंबित मामलों को हल करने और अद्यतन एक्शन-टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने पोर्टल उपयोगकर्ताओं को जानकारी का सटीक रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए लॉगिन करने के बाद अपने प्रोफ़ाइल विवरण को अपडेट करने की भी सलाह दी।
डॉ. मिश्रा ने लंबित शिकायतों पर कार्रवाई में तेजी लाने, अनुवर्ती कार्रवाई को मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि नागरिकों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें या अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
