राज्यव्यापी छापों में पांच गिरफ्तार, भारी मशीनरी और वाहन जब्त: बरिंदर कुमार गोयल

चंडीगढ़(गुरप्रीत सिंह): मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने अवैध खनन के खिलाफ शून्य-सहिष्णुता की नीति अपनाई है, और लगातार चल रहे प्रवर्तन अभियानों के परिणामस्वरूप पिछले पांच वर्षों में राज्य भर में 1,845 FIR दर्ज हुई हैं तथा 3,988 जब्ती की गई हैं। पंजाब के खान और भूविज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने शुक्रवार को कहा कि खनन विभाग ने अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ 28.70 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है, जिसमें से 27.33 करोड़ रुपये पहले ही वसूल लिए गए हैं।

पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पंजाब के खान और भूविज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने दर्ज FIR, जब्त किए गए वाहनों और मशीनरी, लगाए गए जुर्माने तथा वसूली की गई राशि सहित प्रवर्तन कार्रवाई के वर्षवार विवरण साझा किए। उन्होंने कहा, “विभाग ने पुलिस के निकट समन्वय से खनिजों के अनधिकृत निष्कर्षण और परिवहन को रोकने तथा खनन नियमों के सख्त अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।”

वर्षवार प्रदर्शन साझा करते हुए खान और भूविज्ञान मंत्री ने कहा, “2022 में कुल 735 FIR दर्ज की गईं और वाहनों व मशीनरी की 802 जब्ती हुई, जिन पर 89 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया और 88 लाख रुपये वसूले गए। 2023 में विभाग ने 458 FIR दर्ज कीं और 987 जब्ती की, जिन पर 6.64 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया और 6.17 करोड़ रुपये वसूले गए। 2024 के दौरान 294 FIR दर्ज की गईं और 1,077 जब्ती हुई, जिन पर 9.74 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया और 9.56 करोड़ रुपये वसूले गए। 2025 में 111 FIR दर्ज की गईं और 454 जब्ती हुई, जिन पर 2.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया और 2.70 करोड़ रुपये वसूले गए।”

2026 के आंकड़े देते हुए उन्होंने कहा, “विभाग ने इस वर्ष के दौरान 247 FIR दर्ज की हैं और मशीनरी व वाहनों की 668 जब्ती की है। 8.67 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जिसमें से 8.02 करोड़ रुपये पहले ही वसूल लिए गए हैं। ये आंकड़े विभाग द्वारा की जा रही तीव्र प्रवर्तन और लगातार मैदानी स्तर की कार्रवाई को दर्शाते हैं।”

इस वर्ष के दौरान हुई प्रवर्तन कार्रवाई के बारे में विस्तार देते हुए मंत्री ने कहा कि जुलाई 2026 तक विभाग ने 77 FIR दर्ज की थीं और पंजाब माइनर मिनरल रूल्स, 2013 के नियम 74 और 75 के तहत 192 चालान दर्ज किए थे। इस अवधि में 2.06 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 1.93 करोड़ रुपये वसूले गए।

“जुलाई से अक्टूबर 2026 के बीच विभाग ने 170 और FIR दर्ज कीं और संबंधित प्रावधानों के तहत 476 चालान दर्ज किए। इस अवधि में 6.61 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 6.17 करोड़ रुपये वसूले गए। इस प्रकार, 2026 के दौरान कुल प्रवर्तन कार्रवाई 247 FIR और 668 चालान की रही, जिन पर 8.67 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया और 8.02 करोड़ रुपये वसूले गए,” उन्होंने कहा।

पुलिस के निकट समन्वय से पंजाब भर में हाल ही में की गई प्रवर्तन कार्रवाइयों का विवरण साझा करते हुए मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि 6 अक्टूबर 2026 को विभाग ने लुधियाना के सिधवां बेत क्षेत्र में एक रात्रि अभियान के दौरान रेत से भरे एक बिना नंबर के टिपर को रोका। वाहन को स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया और थाना सिधवां बेत में FIR संख्या 283/2026 दर्ज की गई।

7 अक्टूबर को खनन अधिकारियों और पुलिस की संयुक्त टीम ने अमृतसर के तहसील लोपोके के गांव कोट सिध्दू में अवैध रेत खनन पकड़ा। इस कार्रवाई के दौरान अवैध गतिविधि से जुड़े तीन पहचाने गए JCB खुदाई मशीन, एक बिना नंबर की खुदाई मशीन और सात टिपर पाए गए। थाना भिंडी सैदां में FIR संख्या 160/2026 दर्ज की गई।

इसी तरह, 11 अक्टूबर को एक संयुक्त टीम ने रूपनगर जिले के श्री चमकौर साहिब क्षेत्र में एक रात्रि अभियान चलाया, जिसमें अवैध खनन में शामिल पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। टीम ने तीन खुदाई मशीन/बैकहो लोडर और दो टिपर भी जब्त किए। खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 4(1) और 21(1) के तहत FIR संख्या 178/2026 दर्ज की गई।

16 अक्टूबर को खनन विभाग ने श्री आनंदपुर साहिब के गांव स्वारा में कार्रवाई की और अनधिकृत खुदाई के लिए कथित तौर पर उपयोग की जाने वाली नारंगी रंग की टाटा हिताची EX 110i पोकलैन मशीन जब्त की। मशीन पुलिस को सौंप दी गई और भूमि स्वामी के खिलाफ FIR संख्या 152/2026 दर्ज की गई। उसी दिन अमृतसर जिले के लोपोके क्षेत्र के गांव कोहली में अवैध रेत खनन में शामिल दो व्यक्तियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू की गई, जिसमें FIR संख्या 328/2026 दर्ज की गई।

कैबिनेट मंत्री ने आगे बताया कि 17 अक्टूबर को पठानकोट के गांव जसवां स्थित त्रेहान स्टोन क्रशर पर देर रात छापा मारा गया, जहां एक पोकलिन मशीन और लगभग 400 घन फुट बजरी से भरा एक बिना नंबर का टिपर जब्त किया गया। “क्रशर को पहले ही निलंबित किया गया था, लेकिन वह निर्धारित मानदंडों का उल्लंघन करते हुए संचालित पाया गया और खनिज सामग्री बेच रहा पाया गया। खान और खनिज अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत थाना तारागढ़ में FIR संख्या 156/2026 दर्ज की गई,” उन्होंने कहा।

उसी दिन एक अन्य कार्रवाई में खनन विभाग की फ्लाइंग स्क्वायड ने स्थानीय पुलिस के साथ कपूरथला जिले के गांव खिजरपुर पर छापा मारा और छह टिपर, एक पोकलिन मशीन और एक ट्रैक्टर जब्त किए। जब्त किए गए दो टिपरों में से प्रत्येक में लगभग 800 घन फुट रेत थी। जालंधर के लंबा पिंड निवासी मिकल और पांच अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ FIR संख्या 76/2026 दर्ज की गई। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया गया।

24 अक्टूबर को विभाग की फ्लाइंग स्क्वायड ने श्री आनंदपुर साहिब के नंगल क्षेत्र में गांव भलान के पास एक और कार्रवाई की और संदिग्ध अवैध खनन तथा खनिज सामग्री के परिवहन के खिलाफ कार्रवाई की। इस मामले में दो वाहन शामिल थे, जिनमें एक हुंडई वाहन और सिंह ट्रेडर क्रशर से जुड़ा एक टाटा वाहन शामिल थे। 24 अक्टूबर 2026 की FIR संख्या 195 थाना नंगल, श्री आनंदपुर साहिब में दर्ज की गई।

अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए भगवंत मान सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा, “विभाग पुलिस के साथ समन्वित प्रवर्तन अभियान जारी रखेगा और खनन नियमों का उल्लंघन करने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेगा। पंजाब सरकार लगातार मैदानी निगरानी, सख्त प्रवर्तन और हर स्तर पर जवाबदेही के माध्यम से अवैध खनन को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

By Gurpreet Singh

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