एडमोंटन (राजीव शर्मा): ऑप्टोमेट्रिक देखभाल (नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं) के दायरे का विस्तार करने वाला अल्बर्टा कनाडा का पहला प्रांत बनने जा रहा है। यहां 1 नवंबर से विशेष रूप से प्रशिक्षित ऑप्टोमेट्रिस्ट्स को अपने क्लीनिकों में ही कुछ छोटी सर्जिकल और लेजर प्रक्रियाएं करने की अनुमति होगी।
इन विनियामक बदलावों के तहत अतिरिक्त प्रशिक्षण पूरा करने वाले योग्य ऑप्टोमेट्रिस्ट्स सौम्य त्वचा घावों (benign skin lesions) को हटाने, गुहेरी (styes) का उपचार करने और विशिष्ट लेजर प्रक्रियाओं को अंजाम देने जैसी सेवाएं प्रदान कर सकेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आंखों की देखभाल संबंधी सेवाओं तक आम लोगों की पहुंच को बेहतर बनाना है, ताकि मरीजों को इन उपचारों के लिए बड़े अस्पतालों या अन्य स्वास्थ्य केंद्रों तक न जाना पड़े।
नए नियमों के लागू होने से स्थानीय क्लीनिकों के माध्यम से मरीजों को बड़े डॉक्टरों के रेफरल के झंझट से राहत मिलेगी, प्रतीक्षा समय (वेटिंग टाइम) घटेगा और उपचार के अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे।
नेत्र देखभाल तक पहुंच आसान बनाना सरकार का लक्ष्य
अल्बर्टा सरकार का कहना है कि इन विस्तारित सेवाओं से मरीजों को अपने घर के नजदीक ही उचित इलाज मिल सकेगा। यह कदम विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बेहद फायदेमंद होगा, जिन्हें विशेषज्ञों से परामर्श के लिए लंबी यात्राएं करनी पड़ती थीं और लंबा इंतजार सहना पड़ता था।
प्राथमिक एवं निवारक स्वास्थ्य सेवा मंत्री जस्टिन राइट ने कहा कि यह बदलाव मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निवासियों को अधिक विकल्प प्रदान करेगा।
राइट ने कहा, “अल्बर्टा के नागरिक समय पर जरूरी उपचार पाने के हकदार हैं।” उन्होंने आगे कहा कि योग्य स्वास्थ्य पेशेवरों को उन समुदायों के करीब उचित सेवाएं देने में सक्षम होना चाहिए जिनकी वे सेवा करते हैं।
सरकार को उम्मीद है कि इन बदलावों से अनावश्यक रुकावटें दूर होंगी और पात्र मरीज बिना किसी रेफरल के इन प्रक्रियाओं का लाभ आसानी से उठा सकेंगे।
अतिरिक्त प्रशिक्षण और निगरानी अनिवार्य
जिम्मेदारियों का यह विस्तार हर ऑप्टोमेट्रिस्ट पर स्वतः लागू नहीं होगा। इसके लिए चिकित्सकों को अनिवार्य अतिरिक्त प्रशिक्षण पूरा करना होगा और ‘अल्बर्टा कॉलेज ऑफ ऑप्टोमेट्रिस्ट्स’ की सख्त निगरानी में नए प्रैक्टिस मानकों का पालन करना होगा।
‘अल्बर्टा एसोसिएशन ऑफ ऑप्टोमेट्रिस्ट्स’ की अध्यक्ष डॉ. सोफिया लेउंग ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उचित प्रशिक्षण मिलने पर ऑप्टोमेट्रिस्ट्स के पास इन प्रक्रियाओं को पूरी सुरक्षा के साथ करने की विशेषज्ञता होती है।
डॉ. लेउंग ने इस निर्णय को ऑप्टोमेट्री पेशे और समय पर इलाज की तलाश कर रहे मरीजों, दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम करार दिया।
विशेषज्ञ डॉक्टरों पर घटेगा दबाव
प्रांत को यह भी उम्मीद है कि कार्यक्षेत्र का यह विस्तार पूरी स्वास्थ्य प्रणाली की क्षमता को सुदृढ़ करेगा। प्रशिक्षित ऑप्टोमेट्रिस्ट्स द्वारा इन सामान्य प्रक्रियाओं को संभालने से नेत्र रोग विशेषज्ञों (ophthalmologists) के पास उन जटिल नेत्र रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए अधिक समय बचेगा, जिन्हें गहन विशेषज्ञ देखभाल की जरूरत होती है।
‘अल्बर्टा कॉलेज ऑफ ऑप्टोमेट्रिस्ट्स’ की अध्यक्ष डॉ. मिशेल ड्यूक ने बताया कि यह बदलाव आंखों की देखभाल की व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए कॉलेज और प्रांतीय सरकार के बीच वर्षों तक चले आपसी विचार-विमर्श का परिणाम है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे-जैसे इन सेवाओं का विस्तार स्थानीय क्लीनिकों तक होगा, नियामकीय निगरानी पूरी तरह से बनी रहेगी। इसका उद्देश्य सेवाओं तक पहुंच में सुधार करना, देरी को कम करना और मरीजों के स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाना है।
समुदाय-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं का नया मॉडल
यह बदलाव अल्बर्टा सरकार की उस व्यापक सोच को दर्शाता है जिसके तहत केवल नए बुनियादी ढांचे या प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर निर्भर रहने के बजाय मौजूदा स्वास्थ्य पेशेवरों के कौशल का बेहतर उपयोग करने पर जोर दिया जा रहा है।
1 नवंबर से, आवश्यक प्रशिक्षण और नियामकीय मानकों को पूरा करने वाले ऑप्टोमेट्रिस्ट्स के माध्यम से पात्र मरीजों को इन नव-स्वीकृत उपचार प्रक्रियाओं की सुविधा मिलने लगेगी।
प्रांतीय प्रशासन के अनुसार, इस विस्तार का लक्ष्य योग्य पेशेवरों द्वारा मरीजों की उचित देखभाल सुनिश्चित करते हुए नेत्र चिकित्सा को अधिक सुलभ और व्यावहारिक बनाना है।
