कुरुक्षेत्र। हरियाणा में अतिथि अध्यापकों ने अपनी सेवाओं को नियमित करवाने की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। रविवार, 25 अक्टूबर को प्रदेशभर के अतिथि अध्यापक कुरुक्षेत्र में न्याय रैली आयोजित करेंगे। रैली के बाद शिक्षक पैदल मार्च करते हुए चंडीगढ़ पहुंचेंगे और राज्यपाल को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे।
अतिथि अध्यापक संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण धारशूल के अनुसार, शिक्षा विभाग में लंबे समय से सेवाएं दे रहे अतिथि अध्यापक वर्ष 2014 की तीन वर्षीय नियमितीकरण नीति के तहत अपनी सेवाएं नियमित करने की मांग कर रहे हैं। संगठन का कहना है कि न्यायालय के आदेशों के बावजूद नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। शिक्षकों ने सरकार से इस मामले में जल्द निर्णय लेने और प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करने की अपील की है।
संगठन के पदाधिकारियों के मुताबिक, नियमितीकरण की मांग को लेकर 21 अक्टूबर को सिरसा से न्याय यात्रा शुरू की गई थी, जो 25 अक्टूबर को कुरुक्षेत्र पहुंचेगी। न्याय रैली में प्रदेश के विभिन्न जिलों से अतिथि अध्यापकों के शामिल होने की उम्मीद है। इसके बाद शिक्षक न्याय रथ के साथ चंडीगढ़ की ओर पैदल मार्च करेंगे।
अतिथि अध्यापक संगठन ने कहा है कि उनकी मांगों का समाधान होने तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा। शिक्षकों का कहना है कि नियमितीकरण को लेकर लंबे समय से अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे उनके भविष्य पर असर पड़ रहा है। अब वे सरकार से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
