योगराज सिंह का सिडनी में सफल हुआ हार्ट ऑपरेशन, बोले- ‘शेर फिट और फाइन है’

चंडीगढ़(गुरप्रीत सिंह): पूर्व भारतीय क्रिकेटर और पंजाबी फिल्म अभिनेता योगराज सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में सफल हृदय ऑपरेशन करवा लिया है। नियमित चिकित्सा जांच के दौरान उनकी हृदय धमनी में रुकावट पाई गई थी। पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह के पिता 68 वर्षीय योगराज ने अपने शुभचिंतकों को बताया कि वे अच्छी तरह रिकवरी कर रहे हैं।

योगराज ने इस सप्ताह की शुरुआत में सिडनी कार्डियोवैस्कुलर सेंटर में यह प्रक्रिया करवाई। ऑपरेशन हृदय विशेषज्ञ डॉ. अथुला गुणसेकरा ने किया।

टेलीफोन पर द ट्रिब्यून से बात करते हुए योगराज ने कहा कि वे अपनी सामान्य गतिविधियों पर लौटने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, “शेर फिट और फाइन है और नई पारी के लिए पूरी तरह तैयार है।” उन्होंने शुभकामनाएं देने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया।

फिल्म शूट के दौरान पकड़ी गई स्वास्थ्य समस्या
योगराज एक फिल्म शूट के लिए ऑस्ट्रेलिया में थे, जब नियमित जांच में एक कोरोनरी धमनी में रुकावट पाई गई। स्थिति की पहचान होने के तुरंत बाद उनका ऑपरेशन किया गया।

पूर्व क्रिकेटर की रिकवरी से उनके शुभचिंतकों को राहत मिली है और योगराज ने स्वयं अपने स्वास्थ्य को लेकर सकारात्मक संदेश साझा किया है।

भारतीय क्रिकेट से पंजाबी सिनेमा तक
25 मार्च 1958 को जन्मे योगराज ने दाएं हाथ के तेज-मध्यम गेंदबाज के रूप में भारत के लिए टेस्ट मैच और वनडे खेले। उन्होंने 1985 में चोट के कारण खेल करियर जल्दी खत्म होने से पहले पंजाब और हरियाणा के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट भी खेला।

इसके बाद उन्होंने मनोरंजन उद्योग में अपनी पहचान बनाई और 1983 में पंजाबी फिल्म बटवारा से अभिनय की शुरुआत की। अगले दशकों में उन्होंने कई पंजाबी फिल्मों में काम किया और 1994 में विछोड़ा सहित फिल्म निर्देशन भी आजमाया।

2013 की हिंदी फिल्म भाग मिल्खा भाग में सख्त कोच हवलदार संपूरण सिंह की भूमिका ने उन्हें देशभर के व्यापक दर्शकों तक पहुंचाया। पंजाबी सिनेमा में योगदान के लिए उन्हें 2017 में फिल्मफेयर अवार्ड्स पंजाबी में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड मिला।

युवराज सिंह के पहले कोच
योगराज ने अपने पुत्र युवराज सिंह के क्रिकेट करियर को आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जो भारत के सबसे प्रसिद्ध लिमिटेड-ओवर खिलाड़ियों में से एक बने।

युवराज भारत की 2007 आईसीसी टी20 विश्व कप और 2011 आईसीसी क्रिकेट विश्व कप जीत में अहम भूमिका में रहे। 2011 टूर्नामेंट के दौरान कैंसर से लड़ते हुए उनका प्रदर्शन विशेष रूप से यादगार रहा।

फिल्मों में काम के अलावा योगराज चंडीगढ़ स्थित एक क्रिकेट अकादमी के जरिए क्रिकेट से अपना जुड़ाव बनाए हुए हैं।

सफल ऑपरेशन के बाद योगराज के सकारात्मक संदेश ने प्रशंसकों और शुभचिंतकों को राहत दी है, क्योंकि वे अपने अगले अध्याय की ओर देख रहे हैं।

By Gurpreet Singh

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