सोलन (सुदीप महाजन): प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-नालागढ़ की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बद्दी केवल एक औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था और हजारों परिवारों की आजीविका का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं की कथित बदहाली से उद्योगपति परेशान हैं और निवेशकों के बीच चिंता बढ़ रही है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि बद्दी क्षेत्र में सड़कों की खराब स्थिति के कारण यातायात जाम की समस्या बनी रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्योगों को दिन में भी कई-कई घंटे बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है और सप्ताह में एक दिन पूर्ण बिजली शटडाउन किया जा रहा है। इसके अलावा, फायर एनओसी जैसी आवश्यक प्रक्रियाओं में भी उद्योगपतियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश में बिजली उपलब्ध है, तो उद्योगों को पर्याप्त आपूर्ति क्यों नहीं मिल रही है।
मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए राणा ने कहा कि पिछली भाजपा और कांग्रेस सरकारों के मुख्यमंत्रियों द्वारा बद्दी-नालागढ़ के औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ समय-समय पर बैठकें की जाती थीं, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान किया जा सके। लेकिन, उनके अनुसार, वर्तमान मुख्यमंत्री ने चार वर्षों के कार्यकाल में उद्योगपतियों के साथ एक बैठक तक नहीं की। उन्होंने इसे उद्योग जगत के प्रति सरकार की उदासीनता बताते हुए कहा कि प्रदेश के विकास की जिम्मेदारी संभालने वाले नेतृत्व को उद्योगों की समस्याओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।
राणा ने मुख्यमंत्री की राजनीतिक कार्यशैली पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन विधायकों ने मुख्यमंत्री को नेतृत्व तक पहुंचाने में समर्थन दिया, उनके बारे में पार्टी छोड़ने जैसी टिप्पणियां करना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि जब राजनीतिक सहयोगियों के प्रति ऐसा रवैया अपनाया जाता है, तो आम जनता और प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर सरकार कितनी गंभीर होगी।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के पास नए निवेश को आकर्षित करने के लिए स्पष्ट दृष्टि और प्रभावी औद्योगिक नीति का अभाव है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य उद्योगों को आकर्षित करने के लिए नई नीतियां और सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश में उद्योगों को बुनियादी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने प्रदेश पर बढ़ते कर्ज और औद्योगिक क्षेत्र में कथित पक्षपातपूर्ण नीतियों को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा।
राणा ने कहा कि बद्दी-नालागढ़ जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो इसका असर निवेश, औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार पर पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि पंचायत चुनावों के नतीजों से जनता के रुख के संकेत मिले हैं और आगामी विधानसभा चुनावों में भी मतदाता सरकार के कामकाज का हिसाब मांगेंगे।
उन्होंने राज्य सरकार से बद्दी-नालागढ़ की समस्याओं पर तत्काल ध्यान देने, उद्योगपतियों के साथ बैठक करने और औद्योगिक विकास एवं रोजगार की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
