अमृतसर(गुरप्रीत सिंह): अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने लुधियाना के आलमगीर स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा मंजी साहिब पातशाही दसवीं के लंगर हॉल पर हुए कथित हमले की निंदा की और घटना के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
जत्थेदार ने कहा कि लंगर सुविधा पर कथित रूप से पत्थर और ईंटें फेंके जाने की घटना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे का लंगर धर्म या पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना सभी लोगों को भोजन उपलब्ध कराता है। ऐसी घटनाएं राज्य की शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को प्रभावित कर सकती हैं।
ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने ऐतिहासिक गुरुद्वारों के आसपास कथित अतिक्रमण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने पंजाब सरकार और स्थानीय प्रशासन से गुरुद्वारा भूमि की सुरक्षा के लिए preventive कदम उठाने और महत्वपूर्ण सिख धार्मिक स्थलों के आसपास अवैध कब्जे न होने देने का आग्रह किया।
जत्थेदार के अनुसार, घटना के बाद गुरुद्वारा प्रबंधन, स्थानीय एसजीपीसी प्रतिनिधियों और सिख नेताओं ने पहले ही कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी थी। बताया गया है कि इस कार्रवाई के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और क्षेत्र में किए गए अतिक्रमण हटा दिए गए।
अकाल तख्त जत्थेदार ने कहा कि उन्होंने घटना को लेकर एसजीपीसी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने समिति को लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर से संपर्क कर कानून के तहत उचित कार्रवाई की मांग करने का निर्देश भी दिया।
एसजीपीसी से यह भी कहा गया है कि वह पंजाब के मुख्य सचिव के समक्ष यह मुद्दा उठाए, ताकि पूरे राज्य में गुरुद्वारों के आसपास की भूमि पर अवैध बस्तियों और कब्जों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने कहा कि लंगर की परंपरा बिना किसी भेदभाव के सभी लोगों, विशेष रूप से जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराती रहेगी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सेवा से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बनाने के किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जत्थेदार ने लोगों से सोशल मीडिया पर सावधानी बरतने की अपील भी की। उन्होंने घटना से जुड़ी एआई-निर्मित या छेड़छाड़ की गई तस्वीरें साझा करने से बचने को कहा और चेतावनी दी कि ऐसी सामग्री भ्रम तथा गलत सूचना पैदा कर सकती है।
इस बीच, एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने भी कथित हमले की निंदा की। उन्होंने पुलिस से व्यापक और निष्पक्ष जांच करने तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
