अमृतसर(गुरप्रीत सिंह): पंजाब कांग्रेस ने 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियां शुरू कर दी हैं। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह और पार्टी मामलों के प्रभारी सचिन पायलट ने संगठन में एकता का संदेश देने की कोशिश की है।
परगट सिंह और सचिन पायलट गुरुवार को अमृतसर पहुंचे और श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेका। यह दौरा परगट सिंह की पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति के बाद आयोजित धार्मिक कार्यक्रम का हिस्सा था। कांग्रेस ने दुर्गियाना मंदिर, सेंट पॉल चर्च और रामतीर्थ सहित अन्य धार्मिक स्थलों के दौरे की भी योजना बनाई है।
श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दोनों नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने ढोल के साथ उनका स्वागत किया और नए प्रदेश नेतृत्व के समर्थन में नारे लगाए। पंजाब के विभिन्न हिस्सों से कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पूर्व विधायक और पार्टी कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
शक्ति प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है, जब प्रदेश कांग्रेस इकाई विधानसभा चुनावों से पहले अपने अंदरूनी मतभेदों को पीछे छोड़ने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने हाल ही में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के पद से हटने के बाद परगट सिंह को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस बदलाव के बाद विभिन्न गुटों के नेताओं को एक मंच पर लाने पर फिर से जोर दिया जा रहा है।
कांग्रेस के कुछ प्रमुख नेता, जिनमें राजा वड़िंग, गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला और जालंधर के सांसद चरणजीत सिंह चन्नी शामिल हैं, अमृतसर के कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे। वे राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में भाग लेने के लिए दिल्ली में थे।
श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद सभा को संबोधित करते हुए परगट सिंह ने कहा कि धार्मिक दौरे का उद्देश्य राजनीतिक गतिविधि करना नहीं, बल्कि ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त करना था। उन्होंने कहा कि पंजाब और उसके लोगों के कल्याण के लिए प्रार्थना की गई।
सिंह ने इस बात पर भी जोर दिया कि कांग्रेस को संवैधानिक मूल्यों और पंजाबियत की भावना के प्रति प्रतिबद्ध रहना चाहिए। खुद को टीम का हिस्सा बताते हुए उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करने में हर नेता और कार्यकर्ता की भूमिका है।
पंजाब कांग्रेस के नए प्रमुख 2027 के चुनावों की तैयारी के दौरान पार्टी के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की बात लगातार कहते रहे हैं। कांग्रेस ने 11 अक्टूबर को चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में सिंह के औपचारिक रूप से पदभार संभालने का कार्यक्रम भी तय किया है।
सचिन पायलट ने नशे और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया
इस बीच, सचिन पायलट ने पंजाब के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियों, विशेष रूप से नशे और भ्रष्टाचार पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने इन समस्याओं से निपटने और राज्य के युवाओं के लिए अवसर तथा विकास की संभावनाएं बेहतर बनाने के लिए सामूहिक प्रयास का आह्वान किया।
पायलट ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने प्रदेश संगठन का नेतृत्व करने के लिए परगट सिंह पर भरोसा जताया है और उम्मीद है कि पूरे पंजाब के नेता तथा कार्यकर्ता मिलकर काम करेंगे।
उन्होंने पंजाब के देश के लिए व्यापक महत्व को भी रेखांकित किया और कहा कि राज्य का विकास सभी की साझा प्राथमिकता होना चाहिए।
कांग्रेस नेतृत्व अब 2027 के विधानसभा चुनावों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। पार्टी चुनावी मुकाबले से पहले अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और वरिष्ठ नेतृत्व के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास कर रही है। आने वाले महीनों में प्रदेश इकाई को मजबूत करने तथा जिला और विधानसभा क्षेत्र स्तर पर पार्टी तंत्र को चुनाव के लिए तैयार करने पर जोर रहने की उम्मीद है।
