चंडीगढ़(गुरप्रीत सिंह): मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में सोमवार को हुई पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में रणजीतगढ़ विकास प्राधिकरण (RDA) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही पीआईसीटीईएस के तहत कार्यरत संविदा गैर-शिक्षण कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने पर भी सहमति बनी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य रणजीत सागर बांध और शाहपुरकंडी बांध क्षेत्रों का नियोजित, टिकाऊ और इको-टूरिज्म केंद्रित विकास सुनिश्चित करना है।
प्राधिकरण पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में एक वैधानिक निकाय के रूप में गठित होगा। इसे एकीकृत विकास, भूमि प्रबंधन, परियोजनाओं के क्रियान्वयन और पर्यटन स्थलों के प्रशासन के लिए आवश्यक प्रशासनिक, वित्तीय और नियामकीय अधिकार दिए जाएंगे।
रणजीतगढ़ विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान होंगे, जबकि पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री उपाध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कार्यकारी समिति प्राधिकरण के दैनिक कामकाज और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की निगरानी करेगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में नए पद
मंत्रिमंडल ने पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में ड्राइवरों के नए पद सृजित करने को भी मंजूरी दी। ये पद 19 स्थायी चपरासी और एक स्थायी मुहर्रिर के पदों में से कुछ पद समाप्त कर बनाए जाएंगे।
सरकार के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के कामकाज को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है।




नर्सिंग शिक्षा सेवा नियमों में संशोधन
मंत्रिमंडल ने पंजाब नर्सिंग एजुकेशन सर्विस रूल्स (ग्रुप-बी), 2016 के परिशिष्ट-बी में संशोधन को भी मंजूरी दी। इसके तहत सरकारी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, पटियाला और अमृतसर में ट्यूटर के पद पदोन्नति के माध्यम से भरे जाएंगे।
इन पदों के लिए निदेशक, अनुसंधान एवं चिकित्सा शिक्षा, पंजाब के नियंत्रण में नियमित रूप से कार्यरत स्टाफ नर्सों और नर्सिंग सिस्टर्स में से ऐसे कर्मचारियों पर विचार किया जाएगा, जिन्होंने संबंधित विषय में एमएससी नर्सिंग की डिग्री हासिल की हो। नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में एक वर्ष का अध्यापन अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।
पीआईसीटीईएस कर्मचारियों की सेवाएं होंगी नियमित
पंजाब सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी शिक्षा सोसायटी (PICTES) के तहत संविदा आधार पर काम कर रहे गैर-शिक्षण कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने के प्रस्ताव पर भी मंत्रिमंडल ने सहमति दे दी।
नियमित किए जाने वाले कर्मचारियों को निर्धारित वेतनमान में पीआईसीटीईएस के तहत सेवा नियमितीकरण का लाभ मिलेगा।
