डीजीसीए ने जायरोप्लेन पायलटों के लिए प्रशिक्षण ढांचा प्रस्तुत किया

नई दिल्ली(राजीव शर्मा):नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने “जाइरोप्लेन के लिए पायलट लाइसेंस जारी करने हेतु ग्राउंड और फ्लाइंग ट्रेनिंग सिलेबस” शीर्षक से एक नई नागरिक उड्डयन आवश्यकता (सीएआर), धारा 7, श्रृंखला बी, भाग XXI जारी की है।

सीएआर उन उम्मीदवारों के लिए ग्राउंड और उड़ान प्रशिक्षण पाठ्यक्रम निर्धारित करता है जो जाइरोप्लेन श्रेणी में डीजीसीए पायलट लाइसेंस प्राप्त करना चाहते हैं।

जाइरोप्लेन एक विशिष्ट प्रकार के विमान हैं जो लिफ्ट जेनरेट करने के लिए स्वतंत्र रूप से घूमने वाले रोटर सिस्टम का उपयोग करते हैं, जबकि आगे की ओर लगने वाला बल प्रोपेलर द्वारा प्रदान किया जाता है। इनकी प्रचालनगत क्षमताएं इन्हें मनोरंजक उड़ान, हवाई अनुभव उड़ान और कृषि संबंधी छिड़काव, बैनर टोइंग, निगरानी और सर्वेक्षण जैसे हवाई कार्यों के लिए उपयुक्त बनाती हैं।

इस नागरिक उड्डयन आवश्यकता (सीएआर) का प्रख्यापन भारत में जायरोप्लेन को प्रस्तुत करने और संचालन को सुगम बनाने की दिशा में पहला कदम है। प्रशिक्षण संगठनों की स्थापना और विनिर्माण एवं एसेंबली क्षमताओं के विकास सहित अन्य उपाय नागरिक उड्डयन के इस उभरते क्षेत्र के विकास में सहायक होंगे।

By Rajeev Sharma

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