छत्रपति संभाजीनगर(राजीव शर्मा): कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दीपके ने छात्र चुनावों में पैसे की भूमिका को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनावों का जिक्र किया, जिनमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने चार केंद्रीय पैनल पदों में से तीन पर जीत हासिल की थी।
रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए दीपके ने आरोप लगाया कि चुनावों में वित्तीय प्रभाव एक प्रमुख कारक बन गया है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रचार करने वाले महंगी गाड़ियों, включая लग्जरी कारों, में आते हैं और तर्क दिया कि ऐसे प्रदर्शन चुनावी मुकाबलों में पैसे की भूमिका को दर्शाते हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से संबद्ध ABVP ने DUSU अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद जीते। कांग्रेस समर्थित नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) को चारों केंद्रीय पैनल पदों में से किसी पर जीत नहीं मिली।
राहुल गांधी के बयान का समर्थन, वर्धा विश्वविद्यालय का जिक्र
दीपके ने शैक्षणिक संस्थानों में विचारधारात्मक संबद्धताओं को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा जताई गई चिंताओं पर भी टिप्पणी की। वर्धा के महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि campus पर विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और पुलिस मामले दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि दलित और आदिवासी समुदायों के छात्र, जो विशेष विचारधारात्मक स्थितियों का विरोध करते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है, जबकि ABVP सदस्यों के खिलाफ ऐसे उपाय नहीं किए जाते। दीपके द्वारा किए गए ये आरोप उनकी टिप्पणियों में स्वतंत्र रूप से स्थापित नहीं किए गए।
परीक्षा प्रणाली पर सवाल
CJP नेता ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के aspirants द्वारा आयोग के अध्यक्ष विवेक भिमनवार के इस्तीफे की मांग को लेकर किए जा रहे प्रदर्शनों के बारे में भी बात की। दीपके ने कहा कि छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया में से भरोसा खो दिया है और ‘भिमनवार राजिनामा द्या’ शीर्षक से एक ऑनलाइन अभियान शुरू करने की योजना की घोषणा की, जिसके तहत प्रतिभागी अध्यक्ष और आयोग के कार्यकरण पर सवाल उठाएंगे।
उनकी टिप्पणियों में हाल ही में IIT बॉम्बे के एक छात्र की मौत का भी जिक्र था, जो परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन और ChatGPT का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के बाद अपने हॉस्टल कमरे में मृत पाए गए थे।
दीपके ने कहा कि इस घटना से मजबूत छात्र सहायता और मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग की जरूरत रेखांकित होती है। उन्होंने तर्क दिया कि परीक्षा में दुर्व्यवहार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का नतीजा यह नहीं होना चाहिए कि छात्र को लगे कि उसके पास इतना कदम उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
आदिवासी स्कूल सुविधाओं पर सवाल
विदर्भ की अपनी हालिया यात्रा के वर्णन के दौरान दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि कई आवासीय आदिवासी स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। उन्होंने छात्रों के पर्याप्त बिस्तरों के बिना सोने की खबरों का जिक्र किया और स्वच्छता और शौचालय सुविधाओं को लेकर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि CJP अपना ‘आदिवासी स्कूल ठिक करो’ अभियान जारी रखेगा और इसे महाराष्ट्र से आगे अन्य राज्यों तक विस्तारित करेगा।
TMC प्रतीक विवाद पर टिप्पणी
दीपके ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव प्रतीक को लेकर चुनाव आयोग के अंतरिम फैसले की भी आलोचना की। उन्होंने व्यंग्यात्मक सुझाव दिया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को सत्ताधारी BJP में शामिल हो जाना चाहिए और फिर विपक्षी पार्टियों को भंग कर दिया जाए और उनके प्रतीक फ्रीज कर दिए जाएं।
उनकी ये टिप्पणियां प्रतिद्वंद्वी TMC गुटों के बीच पार्टी के नाम और उसके पारंपरिक प्रतीक को लेकर चल रहे विवाद के बीच आई हैं। चुनाव आयोग ने प्रतिस्पर्धी दावों पर विचार करते हुए दोनों समूहों को मूल नाम और प्रतीक का इस्तेमाल करने से अस्थायी रूप से रोक दिया है।
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी द्वारा चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को जल्द सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की सहमति दे दी है।
