चंडीगढ़(बलविंदर सिंह): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब की पहचान पहली पातशाही श्री गुरु नानक देव जी के ‘किरत करो, नाम जपो, वंड छको’ के संदेश, सरबंश दानी श्री गुरु गोबिंद सिंह जी, मेहनतकश किसानों, देश की सीमाओं पर डटे वीर जवानों और दुनिया में अपनी मेहनत का लोहा मनवाने वाले पंजाबी समाज से रही है। ऐसी पावन और गौरवशाली धरती पर नशे के सौदागरों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इसलिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब को नशा मुक्त बनाने का बीड़ा उठाया है। मुख्यमंत्री ने पंजाब की जनता को विश्वास दिलाते हुए कहा कि वर्ष 2027 में जनता के आशीर्वाद से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी, तो पंजाब में जो नशा फैलाने वाले लोग हैं, वे या तो अपना धंधा छोड़ देंगे या फिर पंजाब छोड़ देंगे, ऐसे लोगों का पंजाब में कोई स्थान नहीं है।
मुख्यमंत्री सोमवार को पंजाब के जलालाबाद में नशा मुक्त यात्रा के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ शुरू की गई इस यात्रा को केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम या रोड शो तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे गांव-गांव तक पहुंचाकर वास्तविक जन आंदोलन बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों का आह्वान किया कि वे नशे से प्रभावित परिवारों से मिलें, नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं को अपनापन दें और उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के प्रयास करें।
वादों से तारीखों तक पहुंची पंजाब की जनता की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब की जनता से नशा खत्म करने के नाम पर बड़े-बड़े वादे किए। सत्ता में आने से पहले तीन से छह महीने के भीतर नशा खत्म करने की बात कही गई, लेकिन इसके बाद तारीखों पर तारीखें आती रहीं। पहले 15 अगस्त 2024, फिर 31 दिसंबर 2024 और उसके बाद 1 मार्च 2025 तक नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के दावे किए गए। अब पंजाब की जनता यह सवाल पूछ रही है कि आखिर वह समयसीमा कब पूरी होगी, जिसका वादा चुनाव के समय किया गया था।
उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े विज्ञापनों और पोस्टरों के माध्यम से नशे के खिलाफ अभियान चलाने का दावा किया गया, लेकिन पंजाब के लोग धरातल पर बदलाव चाहते हैं। पंजाब सरकार ने जनता के कल्याण का पैसा विज्ञापनों पर खर्च करने का काम किया है।
बड़े नशा कारोबारियों पर होनी चाहिए कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में नशे के बड़े सौदागर किसकी छत्रछाया में फल—फूल रहे हैं। पुलिस लोगों को दिखाने के लिए छोटी मछलियों को पकड़ती है, लेकिन बड़े मगरमच्छों को हाथ भी नहीं लगाती। ये पंजाब सरकार के हालात है। आम आदमी पार्टी ने बड़े-बड़े विज्ञापन दिए, रंग-बिरंगे पोस्टर लगाकर नशा विरोधी अभियान के नए-नए नाम रखें, लेकिन पंजाब के नौजवानों को नारा नहीं, नशे से मुक्त इलाज, रोजगार व सम्मान चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि चंडीगढ़ में उनके निवास से मात्र 500 मीटर की दूरी पर पंजाब के मुख्यमंत्री का निवास है, लेकिन उनके अपने निवास संत कबीर कुटीर पर रोजाना दो से ढाई हजार लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री के निवास पर आम आदमी का पहुंचना तक संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि आम आदमी की समस्याएं सुनना और उनका समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने जनता के साथ विश्वासघात किया है।
