नई दिल्ली(राजीव शर्मा): भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (एसकेएटी) ने 19 और 20 सितंबर 2026 को पहली बार मेरठ के आसमान में अपने शानदार हवाई करतब दिखाकर दर्शकों का मन मोह लिया। दो दिन तक चले इस प्रदर्शन को देखने के लिए एक लाख से अधिक लोग पहुंचे। इनमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी, राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवक शामिल थे। इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के तीन सदस्य मेरठ से ही हैं। इनमें हवाई करतब दिखाने वाले दो पायलट भी शामिल हैं।
रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने 20 सितंबर, 2026 को सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के हवाई प्रदर्शन को देखा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से इस आयोजन की सराहना की। रक्षा राज्य मंत्री ने इस कार्यक्रम को अनुशासन, सटीकता, टीम भावना और पेशेवर दक्षता का बेहतरीन समन्वय बताया तथा इसे भारतीय वायु सेना की शानदार क्षमताओं का प्रमाण कहा। उन्होंने सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के साहस और समर्पण की सराहना की। एसकेएटी ने अपनी 30 वर्ष की यात्रा के दौरान अब तक भारत और विदेशों में 800 से अधिक हवाई प्रदर्शन किए हैं।
प्रदर्शन के पहले दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के पायलटों की सटीकता और साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि पायलटों ने आसमान को तिरंगे के रंगों से सजाते हुए अद्भुत सटीकता एवं साहस का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को उत्तर प्रदेश और पूरे देश के लिए गर्व तथा प्रेरणा का क्षण बताया।
मेरठ में इस हवाई प्रदर्शन को देखने वाले अन्य गणमान्य व्यक्तियों में राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी, उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री श्री सोमेंद्र तोमर तथा विधान परिषद सदस्य श्री अश्विनी त्यागी और श्री धर्मेंद्र भारद्वाज शामिल थे।
मेरठ हवाई प्रदर्शन के बारे में जानकारी
सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम ने 2026 के प्रशिक्षण सत्र के सफल समापन के तुरंत बाद मेरठ के नागरिकों के सामने अपने नए विन्यास का शानदार प्रदर्शन किया। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा भारत में लाइसेंस के तहत निर्मित नौ विशेष लाल और सफेद रंग के हॉक एमके-132 विमानों के साथ टीम ने शानदार हवाई करतब प्रस्तुत किए, जिन्हें देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। शानदार लूप और रोमांचक बैरल रोल से लेकर उल्टी उड़ान तथा प्रसिद्ध ‘डीएनए’ करतब तक, टीम की हर प्रस्तुति में सटीकता, कौशल व उत्कृष्ट तालमेल का प्रदर्शन देखने को मिला।ये विमान एक-दूसरे से बेहद कम दूरी पर, पांच मीटर से भी कम फासले पर उड़ान भरते हैं। ऐसे में प्रत्येक हवाई करतब उत्कृष्ट उड़ान कौशल, अनुशासन और विन्यास में शामिल सदस्यों के बीच अटूट विश्वास का प्रमाण होता है। इस प्रदर्शन की एक और खास विशेषता हॉक एमके-132 विमानों में देश में किया गया महत्वपूर्ण बदलाव है। इसके तहत विमानों में ऐसे धुआं छोड़ने वाले उपकरण लगाए गए हैं, जिनसे रंगीन धुआं निकलता है। भारतीय वायु सेना के नाशिक स्थित बेस रिपेयर डिपो में किये गए इस बदलाव के कारण ये विमान आसमान में राष्ट्रीय ध्वज के तीन रंग अर्थात केसरिया, सफेद और हरा बिखेरने में सक्षम हैं।
सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के बारे में जानकारी
वर्ष 1996 में गठित सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम- एसकेएटी एशिया की नौ विमानों वाली एकमात्र एरोबैटिक टीम है और दुनिया की चुनिंदा एरोबैटिक दलों में शामिल है। देशभर में 800 से अधिक हवाई प्रदर्शनों के माध्यम से दर्शकों का दिल जीतने के साथ-साथ चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात और दुबई में अंतरराष्ट्रीय एयर शो के दौरान भारतीय वायु सेना की पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन कर चुकी सूर्यकिरण अब केवल एक एरोबैटिक टीम नहीं रह गई है। ‘भारतीय वायु सेना के दूत’ के रूप में सूर्यकिरण जहां भी प्रदर्शन करती है, वहां भारतीय वायु सेना की भावना और उसकी कार्यशैली को प्रस्तुत करती है। टीम अपनी उत्कृष्ट उपलब्धियों की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं को रक्षा सेवाओं में करियर बनाने के लिए प्रेरित करती है। इसके प्रदर्शन युवाओं को भारतीय वायु सेना की पहचान माने जाने वाले पेशेवर कौशल, सटीकता, अनुशासन और समर्पण को करीब से देखने का अवसर भी प्रदान करते हैं।
