अमृतसर में श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में 5 सिंह साहिबान ने अनैतिक संबंध रखने के आरोप में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (SGPC) के सदस्य अमरजीत सिंह चावला को पंथ से निष्कासित कर दिया है।
इसके साथ ही अकाल तख्त के एडिशनल हेड ग्रंथी मलकीत सिंह को भी अश्लील चैट करने के आरोप में पंथ से निकाला गया है। ये दोनों किसी भी धार्मिक संस्था में शामिल नहीं हो सकेंगे और न ही कोई धार्मिक सेवा कर सकेंगे।
जत्थेदार ने सभी सदस्यों और SGPC समेत सभी सिख संस्थाओं, जत्थेबंदियों और संप्रदायों को आदेश दिया कि अपना चरित्र साफ और शुद्ध रखें। जत्थेदार ने कहा कि अगर किसी को लगता है कि कोई व्यक्ति इस तरह के आचरण में शामिल है, तो उसे पीछे हट जाना चाहिए, ताकि किसी भी संस्था पर कोई दाग न लगे।
वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मानविंदर सिंह ग्यासपुरा ने इस घटना के लिए SGPC अध्यक्ष को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि नए सत्कार एक्ट के तहत जैसे बेअदबी करने वाले किसी मंदबुद्धि आरोपी का कस्टोडियन उसके माता-पिता होते हैं, वैसे ही इस घटना के लिए SGPC अध्यक्ष धामी ही जिम्मेदार हैं, क्योंकि वह ही एक तरह से SGPC के कस्टोडियन हैं।
बैठक के बाद सुनाया गया फैसला
आज (20 सितंबर) श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में पांच सिंह साहिबान की बैठक हुई। बैठक में कार्यकारी जत्थेदार और तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज शामिल हुए। उनके साथ गोल्डन टेंपल के ग्रंथी ज्ञानी केवल सिंह, तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह, श्री अकाल तख्त साहिब के ग्रंथी ज्ञानी गुरबख्शीश सिंह और पांच प्यारे भाई मंगल सिंह मौजूद रहे।
बैठक में श्री आनंदपुर साहिब से SGPC के सदस्य अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों पर विचार किया गया। इसके बाद अकाल तख्त की फसील (प्राचीर) से फैसला सुनाया गया। इसमें कहा गया कि अमरजीत सिंह पर बज्र कुरहित (महापाप) करने के गंभीर आरोप लगे हैं। सिख रहित मर्यादा के अनुसार, चार बज्र कुरहितों में से किसी एक को करने वाला व्यक्ति सिखी से खारिज माना जाता है।
पांच सिंह साहिबान ने फैसला किया कि जब तक अमरजीत सिंह इस मामले में निर्दोष साबित होकर श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश नहीं होते, तब तक उन्हें खालसा पंथ से खारिज किया जाता है। इसके साथ ही सिख संगतों को आदेश दिया गया है कि अमरजीत सिंह के साथ किसी भी प्रकार का रिश्ता न रखा जाए। फैसले के अनुसार, अमरजीत सिंह पर जीवनभर के लिए सिख संस्थाओं में काम करने पर पूर्ण रोक लगाई गई है।
AAP विधायक ने ये बातें लिखीं…
- SGPC ने पीड़िता को कमरा क्यों दिया: अकाल तख्त के फैसले के बाद लुधियाना की पायल विधानसभा से AAP के विधायक मानविंदर सिंह ग्यासपुरा ने लिखा- जत्थेदार कस्टोडियन पूछता था। बता उसी दिन भी देते पर कहा गया था कि उनका सत्कार करना है और किसी तरह के विवाद में नहीं पड़ना है। एक अकेली महिला को SGPC कमरे उपलब्ध नहीं करवाती। फिर उसे (पीड़िता) कमरे कैसे दिए गए? वह भी VVIP और सेवादार वाले।
- धामी ही गुरुद्वारों के कस्टोडियन: उन्होंने लिखा- जिस तरह SGPC के प्रबंधों के कस्टोडियन धामी (हरजिंदर सिंह धामी) हैं, उसी तरह अगर कोई मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति गुरु साहिब का निरादर करता है, तो उसकी देखभाल करने वाले उसके माता-पिता भी कस्टोडियन की परिभाषा में आते हैं। जिस तरह नए सत्कार एक्ट के तहत मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति के परिवार पर मामला दर्ज होना चाहिए, उसी तरह अगर यहां भी ऐसा एक्ट होता तो धामी पर भी मामला दर्ज होता। आपको भी पता है कि गुरुद्वारों का कस्टोडियन आप भी हैं, इसलिए आप पर भी मामला बनता।
- आप आरोपों का बचाव करने लगे: विधायक ने लिखा- संगत कह रही है कि SGPC में कुछ गड़बड़ हो रही है, लेकिन आप उसका बचाव करने लग गए। अकाली दल और बेअदबी दल वालों को भेजिए, उन्हें खुलकर गालियां लिखने दीजिए। मैं सच बोलता हूं और मैं डरता नहीं हूं।
SGPC सदस्य पर हुई रेप की FIR
SGPC सदस्य और शिरोमणि अकाली दल (बादल) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ रेप, गलत तरीके से बंधक बनाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में FIR दर्ज हुई है। मामला सामने आने के बाद चावला ने अकाली दल के सभी पदों और SGPC सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
श्री आनंदपुर साहिब थाना पुलिस ने महिला की शिकायत पर 21 अगस्त 2026 को बीएनएस की धारा 64, 127(2) और 351(2) के तहत केस दर्ज किया था। शिकायतकर्ता ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने बयान भी दर्ज करवाए हैं। महिला ने आरोप लगाया कि चावला ने उसके साथ बार-बार रेप किया, बंधक बनाकर रखा और किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
आरोप है कि पुलिस ने FIR को लंबे समय तक सार्वजनिक नहीं किया, जिससे उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। दुगरी रोड के रहने वाले चावला करीब एक महीने से फरार बताए जा रहे हैं। 2 दिन पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर आरोपों को झूठा बताया और इसे चरित्र हनन की साजिश बताया था। उन्होंने कहा कि अदालत में वह अपनी बेगुनाही साबित करेंगे।
पीड़ित महिला भी सामने आई, पढ़िए क्या बोली…
- नवंबर में पंजाब आई थी महिला: वहीं, इस मामले में पीड़ित महिला भी सामने आई है। महिला ने बताया है कि वह 17 नवंबर 2025 को पंजाब आई थी। इसके बाद आनंदपुर साहिब में रहने के दौरान उसके साथ एक ऐसी घटना हुई, जिसे लेकर उसने कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों से संपर्क किया।
- सभी ने बात सुनी, FIR की सलाह दी: महिला ने कहा कि उसने कई जत्थेबंदियों के अलावा दरबार साहिब जाकर भी अपनी बात रखी। उसकी SGPC के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी और अन्य लोगों से भी बातचीत हुई। उसने सभी से कहा कि उसके साथ गलत हो रहा है और उसे इंसाफ चाहिए। महिला के मुताबिक, उसे बार-बार पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई।
- कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई: महिला ने कहा- धामी साहिब, जथेदार और अन्य लोगों ने मेरी बात सुनी और मेरा सम्मान किया, लेकिन मुझे लगा कि किसी कारण से मेरी शिकायत पर आगे कार्रवाई नहीं हो सकी। जिस व्यक्ति पर मैंने आरोप लगाए, वह मुझे धमकी देता था और कहता था कि वह मुझे खत्म कर देगा। मैंने 21 अगस्त 2026 को खुद थाने जाकर FIR दर्ज कराई। मुझे किसी ने FIR दर्ज कराने के लिए मजबूर नहीं किया, बल्कि जब मुझे कहीं से मदद नहीं मिली तो मैं खुद पुलिस के पास गई।

पीड़ित महिला ने अकाली नेता रूप कौर संधू के फेसबुक पर लाइव आकर पूरी बात कही।
- सेवादारों का कोई कसूर नहीं: महिला ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके साथ मौजूद सेवादारों का इसमें कोई कसूर नहीं है। उसने कहा कि शिरोमणि अकाली दल और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कई लोगों ने उसकी बात सुनी और उसे सहयोग दिया, लेकिन उसे समझ नहीं आया कि आगे कार्रवाई क्यों नहीं हो सकी?
- पुलिस ने कार्रवाई में देरी की: महिला ने आरोप लगाया- पुलिस ने कार्रवाई करने में देरी की और आरोपी को विदेश भेज दिया। अब मैं अपनी संगत से अपील करती हूं कि सभी एकजुट होकर मेरा साथ दें और आरोपी को अधिक से अधिक सजा दिलाने की मांग करें।
- कोई धार्मिक नेता या संगठन गलत नहीं: महिला ने कहा कि वह किसी धार्मिक नेता या संगठन को गलत नहीं कह रही। उसके मुताबिक, धामी साहिब, गड़गज और अन्य लोगों ने उसकी बात सुनी और उसका सम्मान किया। उसका आरोप केवल उस व्यक्ति पर है, जिसने उसके साथ कथित तौर पर गलत व्यवहार किया।
