विदिशा जिले के हर गांव को गरीबी मुक्त बनाना मेरा सपना: ‘सपनों का सौदागर’

नई दिल्ली(राजीव शर्मा): केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा के प्रवास पर रहे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने बाढ़ वाले गणेश मंदिर पहुंचकर भगवान गणेश के दर्शन-पूजन किए। इसके बाद वात्सल्य स्कूल में आयोजित गणेश उत्सव में शामिल हुए और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने लखपति दीदियों से संवाद करते हुए महिलाओं की आजीविका और आय बढ़ाने के प्रयासों पर चर्चा की। वहीं, केंद्रीय मंत्री ने विदिशा में आयोजित जिला समृद्धि मॉडल की बैठक में शामिल होकर जिले को गरीबी मुक्त बनाने और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने की कार्ययोजना पर मंथन किया। इस दौरान युवाओं और महिलाओं को रोजगार से जुड़े कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए आरसेटी के माध्यम से संचालित प्रशिक्षण गतिविधियों, स्वरोजगार के अवसरों और प्रशिक्षण के बाद बैंक लोन उपलब्ध कराने की पहल की जानकारी दी।

श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वे सपनों के सौदागर हैं और उनका सपना है कि विदिशा जिले का हर गांव गरीबी मुक्त हो। उन्होंने कहा कि यह तभी संभव होगा, जब हर परिवार के पास आय के दो-तीन साधन हों। इसी संकल्प के साथ विदिशा जिले में ‘समृद्ध विदिशा मॉडल’ का नया प्रयास शुरू किया गया है, जिसके तहत ग्रामीण परिवारों को अलग-अलग आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। छोटे किसानों को आधुनिक कृषि के साथ गाय-भैंस पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों से जोड़कर कम से कम दो आजीविका के साधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। वहीं, महिलाओं को विभिन्न गतिविधियों से जोड़कर अधिक से अधिक लखपति दीदी बनाने का प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि किसानों और ग्रामीण परिवारों को एफपीओ के माध्यम से सामूहिक रूप से उत्पाद बेचने, कच्चे उत्पाद की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग से जोड़कर उनकी आय बढ़ाई जाएगी। इसके लिए प्रशिक्षण के साथ बैंक लिंकेज की व्यवस्था भी की जाएगी। श्री चौहान ने कहा कि इस मॉडल को भारत सरकार, राज्य सरकार, जिला प्रशासन, पंचायतों और स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह एक नया आरंभ और नया आगाज है, जिसकी शुरुआत विदिशा से की जा रही है और इस प्रयोग को आगे देश के अन्य क्षेत्रों में भी दोहराने का प्रयास किया जाएगा।

कौशल प्रशिक्षण के बाद बैंक लोन से शुरू होंगे बेटियों के अपने रोजगार, युवाओं को भी आजीविका से जोड़ने का लक्ष्य
श्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘समृद्धि मॉडल, परियोजना प्रारूप, विदिशा जिला’ के विमोचन के अवसर पर कहा कि इस मॉडल के तहत महिलाओं के साथ-साथ युवाओं को भी आजीविका के अवसरों से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि विदिशा जिले में 15 हजार युवाओं को आजीविका और रोजगार से जोड़कर उनका काम-धंधा शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया है। आरसेटी के माध्यम से बेटियों और भाई-बहनों को ब्यूटीशियन और सिलाई जैसे रोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। लगभग 30 दिन के प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों से उनके रोजगार को लेकर जानकारी ली जा रही है। उन्होंने बताया कि ब्यूटीशियन प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बेटियों में लगभग 70 प्रतिशत ने नौकरी के बजाय स्वयं का काम शुरू करने की इच्छा जताई है। ऐसे युवाओं और महिलाओं को प्रशिक्षण के बाद बैंक लोन उपलब्ध कराने में सहयोग किया जाएगा, ताकि वे अपना स्वयं का रोजगार शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि एक बैच के बाद दूसरा, फिर तीसरा और इसी क्रम में लगातार प्रशिक्षण बैच संचालित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक बेटियों और युवाओं को हुनर से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

योजनाओं के समन्वय से होगा गांवों का विकास, ‘विदिशा डेवलपमेंट इंडेक्स’ से होगी मॉनिटरिंग
श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विदिशा जिले में गरीबी उन्मूलन और विकास के लिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, ग्रामीण विकास, पंचायत, जल संसाधन, कौशल विकास और आजीविका मिशन सहित विभिन्न योजनाओं को एक साथ जोड़कर सामूहिक प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी 2 अक्टूबर की ग्राम सभाओं में गांवों को गरीबी मुक्त बनाने और ग्राम पंचायत विकास की कार्ययोजना तैयार करने के प्रस्ताव पारित किए जाएं। ग्राम सभा, स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन, एफपीओ और पंचायत प्रतिनिधि मिलकर योजनाओं का निर्माण, क्रियान्वयन और निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा कि सीएसआर, वित्तीय संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा। विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी के लिए रियल टाइम डैशबोर्ड तैयार किया जाएगा और पानी, रोजगार, महिलाओं और किसानों की आय, कौशल, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग जैसे मानकों के आधार पर ‘विदिशा डेवलपमेंट इंडेक्स’ तैयार किया जाएगा। इसके आधार पर ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, ब्लॉक और जिले के विकास की हर छह माह में समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि कितने परिवारों की आय बढ़ी, कितनी लखपति दीदी बनीं, कितना जल संरक्षण एवं रिचार्ज हुआ, कितने स्वयं सहायता समूह और एफपीओ बाजार से जुड़े और पंचायतों ने कितने नवाचार किए, जैसे बिंदुओं को भी मॉनिटरिंग में शामिल किया जाएगा। श्री चौहान ने कहा कि केवल अधिकारियों और कर्मचारियों के आधार पर ही मूल्यांकन नहीं होगा, बल्कि ग्राम सभा से फीडबैक लेकर समुदाय की भागीदारी के साथ पंचायतों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा।
माता-पिता का सम्मान और अच्छे कर्म ही सच्चे धर्म का मार्ग
केंद्रीय कृषि मंत्री एवं विदिशा सांसद श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज विदिशा में वात्सल्य स्कूल में आयोजित गणेश उत्सव में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने भगवान गणेश और कार्तिकेय जी की कथा सुनाते हुए माता-पिता के सम्मान और उनके महत्व का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश ने माता-पिता की परिक्रमा कर यह संदेश दिया कि माता-पिता ही हमारे लिए पूरा संसार हैं। श्री चौहान ने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि अच्छे काम करना ही सच्चा धर्म है। सच बोलना, दूसरों की मदद करना और सदैव अच्छे कार्यों के लिए आगे बढ़ना धर्म है। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी आगे रहना चाहिए, क्योंकि इससे बच्चों की प्रतिभा सामने आती है और व्यक्तित्व का विकास होता है। उन्होंने बच्चों को जीवन में बड़ा लक्ष्य रखने, अपनी प्रतिभा को पहचानने और अपने माता-पिता और गुरुजनों का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। श्री चौहान ने कहा कि 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान किए जाएंगे और 12वीं के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग कक्षाएं भी संचालित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि बच्चों को आगे बढ़ने के लिए खेल, शिक्षा और अन्य आवश्यक गतिविधियों के माध्यम से हरसंभव सहयोग देने का प्रयास किया जाएगा।

By Rajeev Sharma

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