चंडीगढ़ की जिला अदालत ने सीरियल किलर मोनू कुमार को तीसरे रेप और हत्याकांड में भी दोषी करार दिया गया है। बुजुर्ग से रेप के बाद हत्या मामले में आज जिला अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। मोनू के खिलाफ दर्ज केसों में यह तीसरा मामला है। गिरफ्तारी के बाद उसने 3 महिलाओं की हत्या करने की बात कबूली। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान जुटाए सबूतों के आधार पर उसके खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मोनू के खिलाफ सबूत पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उसे दोषी करार दिया। वहीं, एक पुराने केस में सबूत न मिलने के कारण मोनू बरी हो चुका है।
वे मामले, जिनमें मोनू कुमार दोषी बनाया…
- MBA छात्रा की हत्या से खुला था सीरियल किलर का राज: वर्ष 2010 में सेक्टर-38 में MBA छात्रा (21) से दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में मोनू का नाम सामने आया था। छात्रा का शव सेक्टर-38 के पास मिला था। उसे पत्थरों से कुचलकर मारा गया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। करीब 14 साल तक आरोपी की पहचान नहीं हो पाई थी। इसके बाद पुलिस ने जिला अदालत में इस मामले की अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। हालांकि, पुलिस ने जांच को पूरी तरह बंद नहीं किया था। मामले से जुड़े सबूत सुरक्षित रखे गए थे। पुलिस ने युवती के शरीर से सीमेन का सैंपल सुरक्षित रख लिया था।
- 2022 में ऑटो ड्राइवर की पत्नी की हत्या: वर्ष 2022 में भी उसने एक महिला को मारा था। मोनू ने पुलिस पूछताछ के दौरान मलोया निवासी एक ऑटो ड्राइवर की पत्नी (40) की हत्या करने की बात कबूली। पुलिस ने बताया कि घटना 11 जनवरी 2022 की रात की थी। महिला बाजार जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वह घर नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। अगले दिन महिला का शव उसके घर से कुछ दूरी पर मिला था। पुलिस ने इस मामले की जांच की, लेकिन हत्यारे का पता नहीं चला।
- 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला से किया रेप: फरवरी 2024 में उसने एक महिला (60) का भी रेप किया। चंडीगढ़ के मलोया वन क्षेत्र में सेक्टर-54 के पास महिला सुनसान रास्ते से जा रही थी। मोनू ने उसे पकड़ लिया। रेप के बाद उसका गला घोंट दिया और मारपीट कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने महिला का मोबाइल भी चुरा लिया और बेच दिया। मृतका चंडीगढ़ के मलोया की ही रहने वाली थी। इसी मामले में पुलिस की जांच के दौरान मोनू पकड़ा गया था। उसने तीनों रेप और मर्डर की वारदातों को कबूला।
एक मामले में बरी हो चुका था मोनू के खिलाफ पहला मामला वर्ष 2008 में आया था, जब 20 साल की उम्र में उसने हिमाचल के चंबा क्षेत्र में एक युवती के साथ रेप कर उसकी हत्या कर दी थी। वह उस दौरान ड्राइवरी सीख रहा था और हिमाचल जाता रहता था। वहीं, उसकी मुलाकात एक युवती से हुई थी। उसने उस युवती का अपहरण कर उसके साथ रेप किया। बाद में उसने युवती के सिर में नुकीले हथियार व पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर दी थी।
मामले में चंबा के खैरी थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 302 व 364 का मामला दर्ज किया गया था। बाद में मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि होने पर रेप की धारा भी जोड़ दी गई थी। हिमाचल पुलिस ने इस मामले में आरोपी मोनू कुमार को गिरफ्तार किया था, लेकिन कोई पुख्ता सबूत न होने के कारण वह 18 महीने के कोर्ट ट्रायल के दौरान बरी हो गया था।
सीमेन सैंपल मैच होने पर पकड़ा गया था मोनू दरअसल, फरवरी 2024 में मालोया के जंगल में बुजुर्ग महिला की हत्या हुई थी। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 100 से ज्यादा संदिग्धों के DNA सैंपल लिए। जांच में मोनू कुमार का DNA 2010 में सुरक्षित किए गए सैंपल से मैच हो गया। इसके बाद 15 साल पुराने हत्या के मामले में पुलिस मोनू तक पहुंची।
डड्डूमाजरा के पास शाहपुर कॉलोनी का रहने वाला मोनू कुमार पहचान छिपाकर रहता था। उसने आधार कार्ड और बैंक खाता तक नहीं बनवाया था। वह इंटरसिटी टैक्सी चलाता था और अपना ठिकाना बदलता रहता था। मई 2024 में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद उससे पूछताछ हुई, जिसमें उसने तीनों रेप और मर्डर के खुलासे किए।
दो मामलों में उम्रकैद हो चुकी पुलिस ने पुराने मामलों की जांच कर वैज्ञानिक व अन्य सबूतों के आधार पर अलग-अलग मामलों को आगे बढ़ाया। इसके बाद मोनू को तीनों मामलों में दोषी करार दिया गया है। MBA छात्रा से रेप के बाद हत्या के मामले में मोनू को जिला अदालत ने 28 नवंबर 2025 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वहीं, 40 वर्षीय महिला के रेप और हत्या के मामले में ने मोनू को अगस्त 2026 में उम्रकैद की सजा के साथ 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था। अब 60 वर्षीय महिला से रेप और हत्या के मामले में मोनू को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है।
