शिमला (राजीव शर्मा): हिमाचल प्रदेश में अगले छह दिनों के दौरान मौसम के अपेक्षाकृत शुष्क बने रहने की संभावना है, क्योंकि राज्य भर में मानसून कमजोर पड़ने के आसार हैं। मौसम विभाग ने 12 सितंबर तक अधिकांश क्षेत्रों में आसमान साफ या आंशिक रूप से बादल छाए रहने का पूर्वानुमान जताया है, जबकि केवल छिटपुट इलाकों में ही हल्की से मध्यम बौछारें पड़ सकती हैं।
बारिश की गतिविधियां सीमित रहने के चलते आने वाले दिनों में पारे में करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक का उछाल आ सकता है। 12 सितंबर तक हिमाचल प्रदेश के किसी भी जिले के लिए बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
राज्य में इस साल पहले से ही सामान्य से कम मानसून दर्ज किया गया है। सीजन की शुरुआत से लेकर 6 सितंबर तक की संचयी बारिश सामान्य स्तर से 9 फीसदी कम रही है, और अधिकारियों को आगामी सप्ताह के दौरान भी मानसूनी बारिश में किसी बड़े सुधार की उम्मीद नहीं है।
मानसून से नुकसान ₹1,200 करोड़ के पार
भले ही फौरी पूर्वानुमान मौसम के शुष्क रहने की ओर इशारा कर रहा हो, लेकिन इस साल के मानसून का प्रभाव बेहद व्यापक रहा है। मूसलाधार बारिश, अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और भूस्खलन के चलते हिमाचल प्रदेश भर में सरकारी व निजी संपत्ति को अनुमानित ₹1,242 करोड़ का नुकसान हुआ है।
नुकसान का सबसे बड़ा हिस्सा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को झेलना पड़ा है। सड़कों और पीडब्ल्यूडी की अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन लगभग ₹951 करोड़ लगाया गया है।
600 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त
खराब मौसम के लंबे चले दौर ने इस पहाड़ी राज्य में आवासीय संपत्तियों को भी भारी क्षति पहुंचाई है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बारिश और भूस्खलन के कारण 122 मकान पूरी तरह तबाह हो चुके हैं, जबकि अन्य 494 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
रिहायशी मकानों के अलावा 17 दुकानों, छह लेबर शेड और 460 गौशालाओं के क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना दर्ज की गई है।
1 जून से अब तक 274 लोगों की मौत
मानसून के इस मौसम में हिमाचल प्रदेश को बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान उठाना पड़ा है। 1 जून से 6 सितंबर के बीच राज्य में कुल 274 मौतों की पुष्टि हुई है।
सड़क दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा जानें गई हैं, जिनमें 164 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा भूस्खलन के कारण 18 लोगों की जान गई, जबकि एक व्यक्ति की मौत अचानक आई बाढ़ से जुड़ी घटना में हुई और 13 अन्य डूबने की वजह से जान गंवा बैठे।
बाकी मौतें मानसून अवधि के दौरान दर्ज अन्य वजहों से हुईं।
आसमान साफ रहने की उम्मीद, मगर तबाही के निशान बरकरार
फिलहाल, हिमाचल प्रदेश को व्यापक बारिश से कुछ राहत मिलने के आसार हैं, जहां ज्यादातर इलाकों में धूप खिली रहेगी या आंशिक बादल छाए रहेंगे। तापमान में संभावित बढ़ोतरी से राज्य में—विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां लंबे समय से बादल छाए हुए थे—दिन गर्म हो सकते हैं।
हालांकि, अपेक्षाकृत शांत मौसम के पूर्वानुमान के बावजूद इस सीजन में बारिश से जुड़ी घटनाओं से हुआ कुल नुकसान एक बड़ी चिंता बना हुआ है, जिसमें हजारों करोड़ रुपये की बर्बादी हुई है और सैकड़ों जिंदगियां प्रभावित हुई हैं।
