प्रधान CCA कार्यालय में राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस पर स्वास्थ्य जांच और साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम

नई दिल्ली(राजीव शर्मा): संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग के अधीन दिल्ली स्थित प्रधान संचार लेखा नियंत्रक कार्यालय ने आज नई दिल्ली के प्रसाद नगर स्थित संचार लेखा भवन में राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस मनाया। विभाग के पेंशनभोगियों के लिए आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संचार लेखा महानियंत्रक (सीजीसीए) सुश्री वंदना गुप्ता ने की। इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ और अति वरिष्ठ पेंशनभोगियों के राष्ट्र के प्रति बहुमूल्य योगदान तथा उनके द्वारा प्रदान की गई सेवाओं को स्वीकार करते हुए उनका सम्मान किया गया।

समारोह का मुख्य आकर्षण सम्मान समारोह रहा। वरिष्ठ पेंशनभोगियों, जिनमें नब्बे वर्ष की आयु पार कर चुके कई पेंशनभोगी भी शामिल थे, को विभाग और राष्ट्र के प्रति उनकी लंबी और समर्पित सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सम्मानित किए गए सबसे अधिक आयु के पेंशनभोगी श्री परशुराम शर्मा थे, जिनकी आयु 99 वर्ष है। वे वर्ष 1987 में दूरसंचार विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। 90 वर्ष से अधिक आयु के इन पेंशनभोगियों का सम्मान समारोह में उपस्थित सभी लोगों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

उपस्थित सभी लोगों को संबोधित करते हुए सुश्री वंदना गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि हमारे वरिष्ठ पेंशनभोगी इस विभाग की जीवंत स्मृति हैं। उनके सेवानिवृत्त होने के दिन ही उनके प्रति हमारी जिम्मेदारी समाप्त नहीं हुई, बल्कि उसका स्वरूप बदल गया है। यह सुनिश्चित करना कि उन्हें समय पर पेंशन प्राप्त हो तथा उनकी बात सुनी जाए, उनका सम्मान किया जाए और उनकी देखभाल की जाए, इस कार्यालय द्वारा प्रदान की जाने वाली कोई औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह वह दायित्व है, जिसे यह कार्यालय उनके प्रति निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम के दौरान एक स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनभोगियों ने योग्य चिकित्सा पेशेवरों की एक टीम द्वारा मौके पर ही की गई बुनियादी स्वास्थ्य जांच, पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट (पीएफटी) और नेत्र जांच जैसी सुविधाओं का लाभ उठाया। प्रतिभागियों की जांच के बाद उन्हें जांच के निष्कर्षों के संबंध में परामर्श दिया गया तथा वृद्धावस्था में निवारक देखभाल और नियमित स्वास्थ्य निगरानी के महत्व के बारे में बताया गया। इस पहल की बुजुर्ग पेंशनभोगियों ने सराहना की, क्योंकि कार्यक्रम स्थल पर ही ऐसी सेवाएं उपलब्ध होने से उन्हें काफी सुविधा हुई।

इस कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों के लिए साइबर सुरक्षा और वित्तीय सुरक्षा पर जागरूकता सत्र भी आयोजित किए गए। चूंकि बुजुर्ग नागरिक अक्सर ऑनलाइन धोखाधड़ी, फ़िशिंग और वित्तीय घोटालों के शिकार होते हैं, इसलिए सत्रों में सुरक्षित डिजिटल तरीकों और ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करते समय सतर्कता के महत्व पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा, धोखाधड़ी वाली गतिविधियों की पहचान और सुरक्षित वित्तीय लेनदेन सुनिश्चित करने के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन साझा किया। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के सहयोग से आयोजित इस पहल का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों में डिजिटल और वित्तीय जागरूकता बढ़ाना और उन्हें उभरते साइबर और वित्तीय खतरों से स्वयं को सुरक्षित रखते हुए आत्मविश्वास के साथ डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने में सक्षम बनाना था।

इसके बाद आयुष मंत्रालय की वरिष्ठ अनुसंधान अधिकारी डॉ. बबीता यादव ने एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया, जिसमें उन्होंने वृद्धावस्था में सक्रिय और आत्मनिर्भर जीवन शैली बनाए रखने के लिए स्वस्थ जीवनशैली, निवारक स्वास्थ्य देखभाल और भारत की पारंपरिक कल्याण प्रणालियों के महत्व पर जोर दिया। पेंशनभोगियों को योग, संतुलित आहार और आयुर्वेद के दिनचर्या सिद्धांतों सहित सरल और स्थायी प्रथाओं के बारे में बताया गया, जिन्हें जीवन के उत्तरार्ध में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए आसानी से अपनाया जा सकता है।

इस कार्यक्रम के साथ-साथ ‘पेंशन के बारे में जानकारी’ (केवाईपी) और ‘डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र’ (डीएलसी) शिविर का भी आयोजन किया गया। केवाईपी काउंटर पर पेंशनभोगियों को ‘संपन्न’ (एसएएमपीएएनएन) पोर्टल पर अपने रिकॉर्ड देखने और समझने में सहायता प्रदान की गई। वहीं डीएलसी काउंटर पर ‘जीवन प्रमाण’ के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन का उपयोग करते हुए मौके पर ही जीवन प्रमाण पत्र जमा किए गए।

इस कार्यक्रम ने वरिष्ठ पेंशनभोगियों और विभाग के अधिकारियों के बीच संवाद के लिए एक सार्थक मंच प्रदान किया तथा वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, गरिमा और स्वास्थ्य के प्रति विभाग की निरंतर प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।

By Rajeev Sharma

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