शिमला (राजीव शर्मा): हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण भूस्खलन का एक नया दौर शुरू हो गया है, जिससे कई जिलों में सड़क संपर्क बाधित हुआ है और संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। सिरमौर में एक चूना पत्थर खनन स्थल पर तीन मजदूर अभी भी चट्टानों के नीचे दबे हुए हैं, जहां बचाव दलों ने बुधवार सुबह राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
यह भूस्खलन मंगलवार दोपहर सिरमौर जिले के कमरऊ स्थित बगनाधार क्षेत्र में हुआ। जब मजदूर कथित तौर पर खनन से जुड़ा काम कर रहे थे, तभी दो ट्रक और एक टिपर भूस्खलन की चपेट में आ गए।
गिरती चट्टानों के कारण बचाव कार्य में हुई देरी
इस घटना की सूचना शाम करीब 4 बजे मिली, लेकिन पहाड़ी से लगातार बड़ी चट्टानें गिरने के कारण तुरंत बचाव कार्य शुरू नहीं किया जा सका।
अस्थिर परिस्थितियों के चलते अधिकारियों को तब तक इंतजार करना पड़ा जब तक कि राहत कर्मियों के प्रभावित क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए स्थिति सुरक्षित न हो गई। बुधवार को खोज अभियान शुरू किया गया और टीमें फंसे हुए मजदूरों का पता लगाने के लिए मलबा हटाने के काम में जुट गईं।
दुर्गम इलाके और लगातार पत्थर गिरने के खतरे ने इस अभियान को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
बारिश के कारण बड़े पैमाने पर सड़कें बंद
भारी बारिश के इस ताजा दौर ने राज्य के कई हिस्सों को प्रभावित किया है, जिनमें शिमला, सोलन, सिरमौर और मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल हैं।
भूस्खलन, मलबे और बारिश से जुड़े अन्य व्यवधानों के कारण 350 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। विभिन्न स्थानों पर बहाली का काम किया जा रहा है, हालांकि लगातार हो रही बारिश इस प्रक्रिया को धीमा कर सकती है।
शिमला में वाहनों को पहुंचा नुकसान
शिमला शहर में पहाड़ी से गिरे पेड़ों और मलबे की वजह से पांच से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। ऐसी घटनाओं ने भूस्खलन के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों से यात्रा करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
लगातार हो रही बारिश के बीच प्रशासन सड़कों और अन्य संवेदनशील हिस्सों पर कड़ी नजर रख रहा है।
घरों और दुकानों में घुसा पानी
मूसलाधार बारिश के चलते कई स्थानों पर रिहायशी और व्यावसायिक संपत्तियों में पानी भर गया।
सोलन के परवाणू और कसौली, मंडी के धर्मपुर, शिमला और सिरमौर के कुछ हिस्सों में जलभराव और बारिश से जुड़े नुकसान की खबरें आईं। निचले इलाकों में स्थित दुकानें और मकान विशेष रूप से प्रभावित हुए।
बचाव और बहाली के प्रयास जारी
प्रशासन सिरमौर खनन स्थल पर बचाव कार्यों का समन्वय कर रहा है, जबकि सड़क एजेंसियां अवरुद्ध मार्गों से मलबा हटाने में जुटी हैं।
मानसून के सक्रिय रहने के कारण, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के निवासियों से सतर्क रहने का आग्रह किया गया है। ये ताजा घटनाएं हिमाचल के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश से उत्पन्न होने वाले निरंतर खतरों को उजागर करती हैं।
