चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर जगतार सिंह हवारा को 10 दिन की पैरोलदेने की मांग की। मान ने यह मांग मानवीय आधार पर रखी है। उन्होंने हवारा की मां की खराब तबीयत का हवाला देते हुए कहा कि वह 31 साल बाद अपने बेटे से मिलने की उम्मीद लगाए बैठी हैं।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, हवारा का मामला केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ से जुड़ा होने के कारण पैरोल की प्रक्रिया में राज्यपाल की भूमिका महत्वपूर्ण है। मान ने राज्यपाल से इस मामले में जल्द सिफारिश करने का आग्रह किया है। अंतिम निर्णय केंद्र सरकार के स्तर पर होना है।
मान ने राज्यपाल को भरोसा दिलाया कि अगर हवारा को पैरोल मिलती है तो पंजाब सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पूरी जिम्मेदारी लेगी। उन्होंने कहा कि हवारा के परिवार और उनसे जुड़े संगठनों ने भी शांति बनाए रखने का आश्वासन दिया है।
हवारा पूर्व पंजाब मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की 1995 में हुई हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। उन्हें 2007 में मौत की सजा सुनाई गई थी, जिसे 2010 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उम्रकैद में बदल दिया था।
इस बीच, राज्यपाल ने हवारा की मां की स्वास्थ्य स्थिति की मेडिकल रिपोर्ट मंगवाई है। रिपोर्ट के आधार पर पैरोल के अनुरोध पर आगे विचार किया जा सकता है। कुछ रिपोर्टों में सीमित अवधि की पैरोल मिलने की संभावना भी जताई गई है, लेकिन अभी पैरोल मंजूर होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
