नई दिल्ली (गुरप्रीत सिंह/ राजीव शर्मा): एयर इंडिया के एयरबस ए320 विमान से जुड़ी एक बड़ी विमानन सुरक्षा घटना ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 4 अगस्त 2026 को फुकेत से दिल्ली आ रही फ्लाइट AI2379 उड़ान (क्रूज़) के दौरान अचानक लगभग 300 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गई।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, विमान (VT-EXO) बाद में नियंत्रित हो गया और उसने दिल्ली में सुरक्षित लैंडिंग की। इस उड़ान में तीन शिशुओं सहित 137 यात्री और आठ चालक दल के सदस्य (दो पायलट और छह केबिन क्रू) सवार थे। खबर है कि इस घटना के दौरान कुछ यात्रियों और केबिन क्रू सदस्यों को चोटें आई हैं।
मंत्रालय ने कहा कि मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) के तहत आवश्यक कार्रवाई करते हुए, घटना के बाद दोनों पायलटों का साइकोएक्टिव सब्सटेंस स्क्रीनिंग टेस्ट कराया गया। पायलट-इन-कमांड (PIC) के स्क्रीनिंग परिणाम से संकेत मिला कि आगे कन्फर्मेटरी टेस्ट (पुष्टि परीक्षण) की आवश्यकता है। नमूने को एक निर्दिष्ट प्रयोगशाला में भेज दिया गया है, और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है।
इस घटना को “गंभीर घटना” (सीरियस इंसिडेंट) के रूप में वर्गीकृत किया गया है और अब इसकी जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा की जा रही है।
घटना के मद्देनजर, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने जांच और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने तक दोनों पायलटों को रोस्टर (उड़ान ड्यूटी) से हटा दिया है। अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि आगे की कोई भी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और कन्फर्मेटरी टेस्ट के नतीजों पर निर्भर करेगी।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA ने कहा कि वे विमानन सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि ऐसी सभी घटनाओं की गहन जांच की जाए और निर्धारित नियमों व प्रक्रियाओं के अनुसार कार्रवाई की जाए।
